रज्जु के दर्द और चोटों में टेंडिनोपैथी सामान्य है और इलाज अक्सर सीमित रहता है। ETH Zurich की एक टीम ने HIF1 नामक प्रोटीन के हिस्से को रज्जु कोशिकाओं में जीन गतिविधि नियंत्रक के रूप में देखा।
शोध में चूहों पर प्रयोग और सर्जरी से मिले मानव रज्जु ऊतकों का अध्ययन किया गया। चूहों में HIF1 की लगातार सक्रियता से रज्जु रोग बन गया, जबकि HIF1 बंद करने पर रोग नहीं बना।
ऊँचे HIF1 से कोलेजन में अधिक क्रॉसलिंक बने और रज्जु कमजोर हुई। ऊतक में रक्त वाहिकाएँ और नसें बढ़ीं, जो दर्द समझाती हैं। शोध में दवा लक्ष्य पर चर्चा हुई, पर पूरे शरीर में HIF1 बंद करने पर दुष्प्रभाव की चिंता जताई गई।
कठिन शब्द
- टेंडिनोपैथी — रज्जु में होने वाला दर्द और चोटों का रोग
- रज्जु — हड्डी और माँसपेशी के बीच का मजबूत लचकदार ऊतकरज्जु ऊतकों
- कोलेजन — ऊतकों में पाया जाने वाला तंतु जैसा घटक
- क्रॉसलिंक — प्रोटीन या तंतुओं के बीच का मजबूत जुड़ाव
- दुष्प्रभाव — दवा या इलाज से होने वाली नकारात्मक प्रतिक्रिया
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप चाहेंगे कि HIF1 पर दवा बनाई जाए? क्यों या क्यों नहीं?
- क्या आपने कभी रज्जु की चोट या दर्द महसूस किया है? उस अनुभव के बारे में एक-दो वाक्य लिखें।
संबंधित लेख
बचपन में सामाजिक समर्थन समय से पहले मृत्यु का जोखिम घटा सकता है
एक अध्ययन में पाया गया कि बचपन में लगातार सामाजिक समर्थन मिलने से उन युवाओं में समय से पहले मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है जो पारिवारिक या सामुदायिक समस्याओं का सामना करते हैं। शोध में लगभग 20,000 प्रतिभागियों के लंबे समय के डेटा का उपयोग हुआ।