ब्राज़ील के किसान Ervino Kogler अर्ध-शुष्क बहिया क्षेत्र में 100 हेक्टेयर पर केले उगाते हैं। उनकी जमीन का 60 प्रतिशत हिस्सा सिंचाई पर निर्भर है और 2023 की गरमी लहर के कारण अगले साल की फसल में 15 प्रतिशत की कमी हुई। जब तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचता है और आर्द्रता बहुत कम रहती है तो पौधे सिंचाई के बावजूद काम करना बंद कर देते हैं।
Nature Food में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि बिना तुरंत कदम उठाए 2080 तक लैटिन अमेरिका और कैरीबियन में निर्यात योग्य केले के लिए उपयुक्त क्षेत्र 60 प्रतिशत तक घट सकते हैं। अध्ययन ने उपग्रह और राडार इमेजरी का उपयोग कर तीव्र उत्पादन के नक्शे बनाए और सामाजिक-आर्थिक बाधाओं का उल्लेख किया जो अनुकूलन को कठिन बनाएंगी।
शोध ने दिखाया कि उत्पादन कम ऊँचाई, उच्च स्थिर तापमान और हल्की अम्लीय मिट्टी में केंद्रित है और अक्सर बंदरगाह व शहरी केंद्रों के पास पाया जाता है। कोलंबिया और कोस्टा रिका विशेष रूप से संवेदनशील बताए गए हैं, जबकि साउदर्न ब्राज़ील और इक्वाडोर के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल परिदृश्य दिखे।
कठिन शब्द
- अर्ध-शुष्क — वह क्षेत्र जहां वर्षा कम होती है
- सिंचाई — पौधों को पानी देने की व्यवस्था
- गरमी लहर — अचानक बहुत गर्मी का लम्बा समय
- उपग्रह — अंतरिक्ष में भेजा गया निगरानी यान
- राडार — इलेक्ट्रॉनिक तरंगों से दूरी पता करने की मशीन
- अनुकूलन — परिवर्तन के अनुसार ढलने की प्रक्रिया
- अम्लीय — जिसमें अम्ल की मात्रा अधिक हो
- सामाजिक-आर्थिक — समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ
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चर्चा के प्रश्न
- अगर केले के उपयुक्त क्षेत्र 60% तक घट गया तो स्थानीय किसानों पर क्या प्रभाव हो सकते हैं? दो-तीन वाक्य में बताइए।
- लेख में सामाजिक-आर्थिक बाधाओं का ज़िक्र है। आपकी राय में ऐसे अनुकूलन के लिए किस प्रकार की स्थानीय सहायता उपयोगी होगी?
- क्या आपके आस-पास ऐसे किसान हैं जो सिंचाई पर निर्भर हैं? उनके लिए गर्मी बढ़ने पर क्या मुश्किलें आ सकती हैं?