प्रिया राजसेथुपति के स्कॉलर हॉरबाख फैमिली लैबोरेटरी ऑफ न्यूरल डायनेमिक्स एंड कॉग्निशन, रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि स्मृति की स्थिरता कई मॉलिक्यूलर टाइमरों द्वारा विनियमित होती है।
ये टाइमर किसी एक स्थान पर नहीं होते, बल्कि विभिन्न मस्तिष्क क्षेत्रों में समयानुसार सक्रिय होते हैं। टीम ने थैलेमस को ऐसी प्रक्रियाओं से जोड़ा जो क्रमिक रूप से स्मृतियों को मजबूत करने वाले जीन प्रोग्रामों से संबंधित हैं।
शोध का मॉडल यह सुझाता है कि स्मृति स्थिरीकरण एक अनुक्रमिक मॉलिक्यूलर घटनाओं की श्रृंखला है, जो पहले के सरल ऑन-ऑफ स्विच के विचार की जगह लेती है। इसका मतलब है कि यादें पहले से अधिक लचीली और हस्तक्षेप के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं, और यह स्मृति विकारों के इलाज पर प्रभाव डाल सकता है।
कठिन शब्द
- स्थिरता — किसी चीज़ का लंबे समय तक न बदलना
- मॉलिक्यूलर — अणु या अणु‑स्तर से संबंधित
- टाइमर — किसी क्रिया को समयानुसार शुरू करने वाला संकेतटाइमरों
- अनुक्रमिक — कदम-दर-कदम या क्रम में होने वाला
- हस्तक्षेप — बीच में आकर किसी प्रक्रिया को प्रभावित करना
- मजबूत करना — कमज़ोर चीज़ में ताकत या असर बढ़ानामजबूत करने
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चर्चा के प्रश्न
- अगर यादें अधिक लचीली हैं तो रोज़मर्रा ज़िन्दगी में इसका क्या असर हो सकता है?
- थैलेमस से जुड़ी जीन प्रोग्रामों के पता चलने से स्मृति विकारों के इलाज में किस तरह मदद मिल सकती है?
- आप कैसे समझते हैं कि अनुक्रमिक मॉलिक्यूलर घटनाओं का मॉडल पहले के ऑन-ऑफ स्विच विचार से अलग क्यों है?
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