नए अध्ययन में दिखाया गया है कि शीर्ष पेशेवर फर्मों का वह व्यवहार—चमकदार लोगों की भर्ती, गहन प्रशिक्षण और बाद में चयनात्मक बरकरारी—यादृच्छिक नहीं बल्कि रणनीतिक है। यह शोध American Economic Review में प्रकाशित है और इसके दो लेखक University of Rochester और University of Wisconsin–Madison के वित्तीय अर्थशास्त्री हैं।
मॉडल में फर्मों को मध्यस्थ माना गया है जो कर्मचारियों को भर्ती कर ग्राहकों को उनकी सेवाएँ बेचती हैं। शुरुआत में ग्राहक किसी नए कर्मचारी की क्षमता का सही आकलन नहीं कर पाते, जबकि फर्म के पास व्यक्तिगत प्रदर्शन के बेहतर संकेत होते हैं। लेखकों ने "शांत अवधि" की धारणा दी, जब फर्म प्रदर्शन देखकर कर्मचारियों को सामान्य वेतन देती है और समय के साथ सार्वजनिक परिणाम फर्म के सूचना लाभ को घटाते हैं।
जब सूचना अंतर छोटा हो जाता है, तो फर्म किसी बिंदु पर चर्न शुरू कर देती है: कुछ कर्मचारियों को छोड़ना और बाकी को कम वेतन पर रखना। इससे बचने वालों की प्रतिष्ठा बनती है और वे बाद में ग्राहकों से अधिक शुल्क वसूल सकते हैं। शोध निष्कर्ष यह है कि टर्नओवर और चयनात्मक बरकरारी फर्मों को सूचना और मुनाफा प्रबंधित करने में मदद करती है, और बाजार धीरे-धीरे यह सीखता है कि कौन से कर्मचारी वास्तव में शीर्ष-स्तर के हैं। Source: University of Rochester
कठिन शब्द
- यादृच्छिक — बिना किसी नियम या योजना के
- रणनीतिक — किसी लक्ष्य के लिए योजनाबद्ध तरीका
- मध्यस्थ — दो पक्षों के बीच काम करने वाला व्यक्ति या संस्था
- शांत अवधि — एक निर्धारित समय जब हालात स्थिर और कम खुलते हैं
- सूचना लाभ — किसी पक्ष के पास दूसरों से अधिक जानकारी होना
- चयनात्मक बरकरारी — केवल कुछ कर्मचारियों को बनाए रखना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- चयनात्मक बरकरारी से कर्मचारियों और ग्राहकों पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं? उदाहरण दें।
- फर्मों का सूचना लाभ कम होने पर टर्नओवर शुरू करना बाजार के लिए क्या संकेत देता है? अपने विचार विस्तृत करें।
- क्या आप सोचते हैं कि ऐसी रणनीतियाँ युवाओं के करियर के अवसरों को बढ़ाती हैं या घटाती हैं? कारण बताइए।