सोशल मीडिया पर भावनात्मक और लोकप्रिय पोस्टों को एल्गोरिदम अक्सर बढ़ावा देते हैं, और इस वजह से भ्रामक सूचना तेजी से फैल सकती है। कोपनहेगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने प्रस्ताव रखा है कि साझा करने की प्रक्रिया में थोड़ी बाधा—यानी डिजिटल घर्षण—डाली जाए ताकि लोग साझा करने से पहले सोचें।
शोध टीम ने एक कंप्यूटर मॉडल बनाया जो X, Bluesky और Mastodon जैसे प्लेटफॉर्मों पर सूचना के प्रसार की नकल करता है। मॉडल से मालूम हुआ कि थोड़ी घर्षण से पोस्ट के शेयर घट सकते हैं, लेकिन ऐसा हमेशा साझा की गई सामग्री की गुणवत्ता सुधार नहीं करता।
इसीलिए शोधकर्ताओं ने मॉडल में एक सीखने वाला तत्व जोड़ा। इस में छोटे प्रश्न या एक पॉप-अप शामिल हो सकते हैं, जो उपयोगकर्ता से भ्रामक सूचना की परिभाषा और प्लेटफॉर्म के नियमों के बारे में पूछें। जब घर्षण को सीखने के साथ जोड़ा गया, तो साझा की गई पोस्टों की औसत गुणवत्ता बढ़ी। अगला कदम असली दुनिया में यह आजमाना है।
कठिन शब्द
- एल्गोरिदम — कंप्यूटर में निर्णय लेने की नियमों वाली प्रक्रिया
- भ्रामक सूचना — गलत जानकारी जो लोगों को गुमराह करे
- डिजिटल घर्षण — ऑनलाइन काम में जानबूझकर थोड़ी बाधा
- साझा करना — किसी सामग्री को दूसरों के साथ भेजना या दिखानासाझा करने, साझा की गई
- मॉडल — किसी प्रक्रिया या सिस्टम का सरल कंप्यूटर अनुकरण
- परिभाषा — किसी शब्द या विचार का साफ और छोटा वर्णन
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप डिजिटल घर्षण को पसंद करेंगे अगर उससे भ्रामक पोस्ट कम हों? अपने理由 लिखें।
- छोटे प्रश्न या पॉप-अप किस तरह से लोगों को साझा करने से पहले सोचने में मदद कर सकते हैं?
- क्या आपकी आदत में बदलाव होगा अगर हर शेयर करने से पहले एक पॉप-अप दिखे? क्यों या क्यों नहीं?