Jaymi Leigh January ने 75वाँ लिंडाउ नॉबेल लारेट मीटिंग, लिंडाउ, जर्मनी (28 June-3 July) में अपने काम पर चर्चा की। उनका शोध नैनोप्रौद्योगिकी से बने बायोसेंसर्स पर है।
वे University of the Western Cape (UWC) से केमिस्ट्री में honours और नैनोसाइंस में MSc कर चुकी हैं और 2025 में PhD पूरी की। अब वे UWC के Sensor Laboratories में टीबी, कैंसर और लॉन्ग कोविड के बायोमार्करों के लिए उच्च संवेदनशीलता वाले डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म बना रही हैं।
उनका लक्ष्य जल्दी निदान और सस्ते, पोर्टेबल परीक्षण बनाना है ताकि रोगियों को बेहतर इलाज मिल सके।
कठिन शब्द
- नैनोप्रौद्योगिकी — बहुत छोटे पैमाने पर की जाने वाली तकनीक
- बायोसेंसर्स — जीवों या शरीर संकेतों को मापने वाला उपकरण
- बायोमार्कर — रोग या शरीर की स्थिति का संकेत देने वाला पदार्थबायोमार्करों
- संवेदनशीलता — छोटी मात्रा भी महसूस करने की क्षमता
- निदान — रोग का कारण और नाम पता करने की क्रिया
- डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म — रोग पहचानने के लिए बनाया गया उपकरण या प्रणाली
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपको क्यों लगता है कि जल्दी निदान महत्वपूर्ण है?
- सस्ते और पोर्टेबल परीक्षण मरीजों की कैसे मदद कर सकते हैं?
- क्या आपने कभी पोर्टेबल परीक्षण इस्तेमाल किए हैं? अपना अनुभव बताइए।
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