कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के लिए डेटा केंद्रों की ऊर्जा और पानी की मांग बढ़ रही है। कई केंद्र जीवाश्म ईंधन से बिजली लेते हैं और इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है।
University of California, Riverside के शोधकर्ताओं ने Federated Carbon Intelligence (FCI) नामक तरीका बनाया। FCI सर्वर के वास्तविक‑समय स्वास्थ्य संकेतों को कार्बन‑तीव्रता डेटा के साथ जोड़ती है। सिमुलेशन में यह तरीका कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी और सर्वरों की सेवा जीवन सुधार दिखाता है। शोधकर्ता अगले कदम में क्लाउड प्रदाताओं के साथ वास्तविक परीक्षण करना चाहते हैं।
कठिन शब्द
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता — कंप्यूटर द्वारा मानव जैसी सोच और काम करना
- डेटा केंद्र — बहुत सारे सर्वर और कंप्यूटर रखने वाली जगहडेटा केंद्रों
- जीवाश्म ईंधन — भूमि से निकले हुए ईंधन जैसे कोयला या तेल
- वायु प्रदूषण — हवा में हानिकारक कण और गैसों की उपस्थिति
- कार्बन‑तीव्रता डेटा — वातावरण में कार्बन की मात्रा का मापन
- उत्सर्जन — वातावरण में किसी पदार्थ का निकलना या जारी होना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि क्लाउड प्रदाताओं के साथ वास्तविक परीक्षण करना अच्छा कदम है? क्यों?
- आपके विचार में डेटा केंद्रों की ऊर्जा या पानी की खपत कम करने के लिए क्या छोटे कदम अपनाए जा सकते हैं?
संबंधित लेख
डेटा केंद्रों की बढ़ती बिजली माँग और कार्बन कैप्चर
एक अध्ययन में पाया गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से यूएस में डेटा केंद्रों की पावर तेजी से बढ़ेगी और कार्बन कैप्चर और भंडारण (CCS) इन केंद्रों के जलवायु प्रभाव को घटाने में मदद कर सकता है। अध्ययन में 2025 और 2030 के बीच शक्ति और उत्सर्जन के बदलते अनुमान दिए गए हैं।