नोर्वेजियन अनुसंधान पोत Dr. Fridtjof Nansen, जिसे नॉर्वे के समुद्री अनुसंधान संस्थान चला रहा है और FAO के EAF‑Nansen कार्यक्रम के तहत कमीशन किया गया था, ने अपनी 2025 की श्रीलंकाई जलक्षेत्र सर्वेक्षण यात्रा रद्द कर दी। यह रद्दीकरण सरकार की मंजूरी में देरी के कारण हुआ।
मोराटोरियम दिसंबर 2023 में लागू हुआ और दिसंबर 2024 में हटाया गया, लेकिन मानक संचालन प्रक्रियाएँ अंतिम न होने के कारण समय पर अनुमति नहीं मिली। राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake ने बाद में विशेष मंजूरी दी, पर FAO ने जहाज मैडागास्कर भेज दिया। Nansen की यात्रा 15 July से 20 August 2025 तय थी।
पिछले अभियानों में जहाज ने श्रीलंका के Exclusive Economic Zone का सर्वे किया और महासागरीय व जैविक डेटा इकट्ठा किया। वैज्ञानिकों का कहना है कि रद्दीकरण मछलियों की प्रचुरता और बदलती समुद्री स्थितियों की समझ को धीमा कर देगा।
कठिन शब्द
- अनुसंधान — नया ज्ञान या जानकारी खोजने की प्रक्रिया
- पोत — समुद्र में चलने वाला बड़ा जहाज
- मोराटोरियम — सरकार द्वारा लगाई गई अस्थायी रोक
- मानक संचालन प्रक्रिया — किए जाने वाले कामों के लिखित नियममानक संचालन प्रक्रियाएँ
- मंजूरी — किसी योजना या काम को स्वीकार करने की अनुमति
- प्रचुरता — किसी चीज़ की अधिक मात्रा या उपलब्धता
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चर्चा के प्रश्न
- मंजूरी में देरी से स्थानीय मछुआरों पर क्या असर पड़ सकता है? कारण लिखिए।
- आप समझाइए कि समुद्री और जैविक डेटा इकट्ठा करने से मछलियों के बारे में कौन सी जानकारी मिलती है?
- सरकार या संस्थाओं को ऐसी सर्वेक्षण यात्राएँ समय पर करने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?