एक नया अध्ययन दिखाता है कि माँ गर्भ में भ्रूण की जैविक घड़ी सेट करने में मदद करती है। शोधकर्ताओं ने जेनेटिक रूप से बदलकर तैयार किए गए चूहों का उपयोग किया।
वे भ्रूणों में क्लॉक प्रोटीन को एक प्रकाश पैदा करने वाले प्रोटीन के साथ टैग कर गए ताकि सक्रिय होने पर प्रकाश निकले और कैमरे से देखा जा सके। विशेषज्ञों ने देखा कि पिल्लों की दिन-रात लयें गर्भावस्था के अंतिम सप्ताह में माँ के विश्राम-गतिविधि चक्र के साथ मिलती थीं, जो मनुष्यों में तीसरी तिमाही के बराबर है।
शोध से पता चला कि मातृ ग्लुकोकॉर्टिकोइड हार्मोन्स समय संकेत दे सकती हैं और सिंथेटिक ग्लुकोकॉर्टिकोइड देने से समन्वय तेज़ हुआ। लेखक बताते हैं कि ऐसे हार्मोन प्रीटर्म जन्म के जोखिम पर दिए जाते हैं और देने के समय का महत्व हो सकता है।
कठिन शब्द
- भ्रूण — गर्भ के अंदर विकसित होने वाला शिशु
- जैविक घड़ी — शरीर में समय बताने वाली आंतरिक प्रणाली
- जेनेटिक — जीनों में बदलाव से संबंधित
- ग्लुकोकॉर्टिकोइड — शरीर में तनाव प्रतिक्रिया देने वाला हार्मोन
- समन्वय — दो या अधिक चीज़ों का साथ मिलना
- प्रीटर्म जन्म — समय से पहले बच्चे का जन्म
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चर्चा के प्रश्न
- आप क्यों सोचते हैं कि माँ के हार्मोन भ्रूण को समय संकेत दे सकते हैं?
- यदि डॉक्टर प्रीटर्म जन्म पर हार्मोन देते हैं, तो इस अध्ययन के अनुसार क्या बदल सकता है?
- आपको क्या लगता है: गर्भावस्था के किस समय माता की गतिविधि बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर सकती है?