बांग्लादेश की संकटग्रस्त भाषाओं का डिजिटल भंडारCEFR A2
24 अग॰ 2025
आधारित: Nurunnaby Chowdhury, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: litoon dev, Unsplash
बांग्लादेश में कई स्थानीय और आदिवासी भाषाएँ विलुप्त होने के खतरे में हैं। उदाहरण के लिए खारिया भाषा केवल पाँच लोगों द्वारा बोली जाती है। इस स्थिति को बदलने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रभाग (ICTD) ने EBLICT परियोजना के अंतर्गत भाषाओं को डिजिटाइज करने की पहल शुरू की।
जुलाई 2025 में इस पहल ने Multilingual Cloud नामक वेबसाइट प्रकाशित की, जो bangla.gov.bd पर उपलब्ध है। यह साइट कई भाषाओं के शब्द, वाक्य, ऑडियो और IPA में उच्चारण दिखाती है। परियोजना का उद्देश्य फॉन्ट, कीबोर्ड, व्याकरण उपकरण और शब्दकोश बनाकर भाषा डेटा ऑनलाइन रखना है।
कठिन शब्द
- विलुप्त — खतरे से गायब होने की स्थिति
- आदिवासी — देश की परंपरागत स्थानीय जनजाति
- डिजिटाइज — कागजी चीजों को कंप्यूटर पर बदलना
- उच्चारण — शब्द बोलने का तरीका या आवाज़
- परियोजना — नियोजित काम करने का विशेष कार्यक्रम
- उपलब्ध — किसी चीज़ का आसानी से मिलना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- भाषाओं को डिजिटाइज करना आपके अनुसार क्यों महत्वपूर्ण है?
- क्या आपकी कोई भाषा या बोली खतरे में है? क्यों या क्यों नहीं?
- आप Multilingual Cloud जैसी वेबसाइट पर क्या जानकारी देखना चाहेंगे?