एक नया अध्ययन दिखाता है कि सामान्य AI चैटबॉट प्रतिक्रियाएँ भी लोगों के सामाजिक और राजनीतिक विचार बदल सकती हैं, भले ही जानकारी सटीक हो। शोध ने देखा कि छोटे तथ्यात्मक सारांशों में सूक्ष्म फ्रेमिंग भी मत बदलने में सक्षम थी।
अभ्यर्थियों के 1,912 समूह ने GPT-4o के डिफ़ॉल्ट सारांश, संबंधित Wikipedia प्रविष्टियाँ, या उदार और रूढ़िवादी फ्रेमिंग वाले सारांश पढ़े। परिणामों से पता चला कि डिफ़ॉल्ट और उदार फ्रेमिंग वाले सारांशों ने लोगों को अधिक उदार राय व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया, जबकि रूढ़िवादी फ्रेमिंग ने रूढ़िवादी राय बढ़ाई। अध्ययन PNAS Nexus में प्रकाशित हुआ।
कठिन शब्द
- अध्ययन — नए निष्कर्ष बताने वाला वैज्ञानिक लेख
- सारांश — किसी बड़े पाठ का छोटा मुख्य हिस्सासारांशों
- फ्रेमिंग — किसी विषय को दिखाने का तरीका या रूपफ्रेमिंग वाले
- उदार — राजनीति में बाएँ या खुले राजनीतिक विचार
- रूढ़िवादी — राजनीति में पारंपरिक और कड़ा विचार
- प्रेरित करना — किसे कुछ करने के लिए उत्साहित करनाप्रेरित किया
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि चैटबॉट के छोटे सारांश आपके विचार बदल सकते हैं? क्यों?
- आप आम तौर पर खबरों का पूरा लेख पढ़ते हैं या छोटा सारांश? अपना अनुभव बताइए।
- यदि सारांश में फ्रेमिंग दिखाई दे तो आप क्या करेंगे?
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