एक नया अध्ययन बताता है कि कुछ सबसे गरीब समुदायों में दो अरब से अधिक लोग कूलिंग पॉवर्टी के गंभीर स्तर का सामना कर रहे हैं। गर्मी की लहरें अधिक बार और तीव्र आ रही हैं, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और मौतें बढ़ रही हैं।
अध्ययन का नेतृत्व Giacomo Falchetta ने किया और इसमें 28 देशों के 1 मिलियन से अधिक परिवारों का डेटा देखा गया। भारत और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में ताप 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिपोर्ट हुआ।
विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ एयर कंडीशनर पर्याप्त नहीं हैं और सस्ती, समन्वित नीतियाँ चाहिए जैसे बेहतर आवास और पानी‑सफाई।
कठिन शब्द
- कूलिंग पॉवर्टी — ठंड से बचने के साधन न होने की आर्थिक समस्या
- तीव्र — बहुत तेज या ज्यादा गंभीर स्थिति
- जोखिम — हानि या बीमारी होने की संभावना
- समन्वित — एक साथ और व्यवस्थित रूप से कार्य करने वाला
- आवास — लोगों के रहने की जगह या मकान
- डेटा — जानकारी या आँकड़ों का व्यवस्थित संग्रह
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आपके इलाके में गर्मी की लहरें अधिक होती हैं? इसका असर क्या होता है?
- आपके घर में गर्मी से बचने के लिए कौन से सस्ते उपाय हैं?
- आपकी राय में बेहतर आवास या पानी‑सफाई से किस तरह मदद मिल सकती है?
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