एक Phase 1 क्लीनिकल ट्रायल ने दिखाया कि GNOS-PV01 नामक व्यक्तिगत DNA वैक्सीन सामान्य रूप से सुरक्षित है और ग्लियोब्लास्टोमा के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया जगाती है। यह अध्ययन Siteman Cancer Center at Barnes-Jewish Hospital और WashU Medicine में संचालित हुआ और परिणाम Nature Cancer में प्रकाशित किए गए। Geneos Therapeutics ने वैक्सीन विकसित की, Mass General Brigham और WashU Medicine ने सहयोग दिया।
वैक्सीन इंजीनियर्ड DNA का उपयोग कर रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को उन neoantigens (ट्यूमर के विशेष प्रोटीन) को पहचानना सिखाती है जो हर रोगी के ट्यूमर के लिए अलग होते हैं। टीम ने WashU के एक एल्गोरिद्म से अलग-अलग ट्यूमर क्षेत्रों से neoantigens चुने। यह प्लेटफॉर्म ट्यूमर से जुड़े 40 तक प्रोटीनों के खिलाफ प्रतिक्रिया सक्रिय कर सकता है, जो अब तक लक्षित किए गए लक्ष्यों की संख्या से अधिक है।
नौ वयस्क मरीजों का अनुसरण किया गया; वैक्सीन उनकी रिकवरी और विकिरण उपचार के दौरान तैयार की गई और इंजेक्शन औसतन 10 सप्ताह सर्जरी के बाद शुरू हुए। शेड्यूल पहले हर तीन सप्ताह पर नौ सप्ताह तक था और फिर हर नौ सप्ताह पर जारी रखा गया। एक प्रतिभागी जो इम्यून-प्रभावित करने वाली स्टेरॉयड ले रहा था, उसमें प्रतिक्रिया नहीं दिखी; अन्य सभी प्रतिभागियों में इम्यून-सेल गतिविधि बढ़ी। क्लिनिकल नतीजे ऐतिहासिक आंकड़ों से बेहतर थे: छह माह में दो-तिहाई मरीजों में प्रगति नहीं दिखी और एक वर्ष तक दो-तिहाई जीवित रहे।
कठिन शब्द
- क्लीनिकल — चिकित्सा परीक्षणों से जुड़ा शब्द
- व्यक्तिगत — एक व्यक्ति या रोगी के लिए खास
- इंजीनियर्ड — वैज्ञानिक रूप से बदलकर बनाया गया
- neoantigens — ट्यूमर में बने विशिष्ट प्रोटीन जिन्हें लक्ष्य बनाया जाता है
- एल्गोरिद्म — कदम-दर-कदम समस्या सुलझाने का नियम
- प्रतिरक्षा — शरीर की बीमारी से लड़ने वाली क्षमता
- विकिरण — ऊर्जा या कणों का प्रकाश जैसा उत्सर्जन
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपके अनुसार व्यक्तिगत (व्यक्तिगत DNA) वैक्सीन के प्रमुख फायदे क्या हो सकते हैं?
- स्टेरॉयड लेने से इम्यून प्रतिक्रिया कम हुई — क्या यह भविष्य के इलाज चुनने में समस्या बना सकता है? क्यों?
- इस तरह के शोध में अस्पताल और कंपनियों का सहयोग क्यों आवश्यक है?