Nature Mental Health में प्रकाशित अध्ययन ने 140,000 से अधिक बच्चों के इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स की समीक्षा की। शोधकर्ताओं ने जन्म से लेकर प्रारंभिक बचपन तक के चिकित्सीय इतिहास की जानकारी से एक विशेष AI मॉडल प्रशिक्षित किया। मॉडल ने विकास, व्यवहार और नैदानिक घटनाओं के ऐसे संयोजन पहचाने जो अक्सर ADHD के निदान से पहले नजर आते हैं।
टूल ने 5 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों में भविष्य के ADHD जोखिम का अनुमान लगाने में उच्च सटीकता दिखाई और यह सटीकता लिंग, नस्ल, जातीयता और बीमा स्थिति जैसे रोगी गुणों के पार सुसंगत रही। शोधकर्ता स्पष्ट करते हैं कि AI निदान नहीं करता; यह उन बच्चों को चिह्नित करता है जिन्हें नज़दीकी अवलोकन या विशेषज्ञ आकलन से लाभ हो सकता है।
लेखक कहते हैं कि जल्दी पहचान पहले निदान और समर्थन की ओर ले जा सकती है, जिससे बेहतर शैक्षिक और स्वास्थ्य परिणाम संभव हैं, लेकिन उपकरण को नियमित नैदानिक देखभाल में लागू करने से पहले और अध्ययनों की आवश्यकता है।
कठिन शब्द
- अध्ययन — वैज्ञानिक रूप से जानकारी एकत्रकर की गई जाँच
- प्रशिक्षित करना — मॉडल को डेटा से सीखाने की क्रियाप्रशिक्षित किया
- नैदानिक — रोग पहचान और इलाज से संबंधित
- सटीकता — कितना सही या भरोसेमंद परिणाम
- अवलोकन — किसी व्यक्ति की नियमित निगरानी या जांच
- निदान — रोग की पहचान करने की प्रक्रिया
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चर्चा के प्रश्न
- यदि यह टूल क्लिनिक में लागू हो जाए तो शुरुआती पहचान से आपके विचार में क्या फायदे होंगे?
- क्या आप चिंताएँ देखते हैं जब AI बच्चों को संभावित जोखिम के लिए चिह्नित करे? क्यों?
- स्कूल या परिवार किस तरह से समय पर पहचान से बच्चों का समर्थन कर सकते हैं?