AI से मत पूछो, सहकर्मी से पूछोCEFR A2
15 अप्रैल 2026
आधारित: Ameya Nagarajan, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Marvin Meyer, Unsplash
तीन संपादक — अमेय नागराजन, डेबोरा प्राडो और हिजा कमरान — AI के बढ़ते उपयोग पर चिंतित हैं और उन्होंने साथ मिलकर एक संपादकीय लिखा। कॉपी-एडिट केवल विराम और वर्तनी तक सीमित था ताकि अलग‑अलग आवाजें बनी रहें।
पिछले साल APC और उसका प्रोजेक्ट GenderIT.org ने Global Voices के साथ मिलकर एक AI नीति बनाई। संपादक जोखिमों और उपयोग दोनों को देखते हैं। उन्होंने रचनात्मकता, भरोसा और पारदर्शिता को महत्व दिया और सरल निषेधों से बचा। श्रृंखला "AI से मत पूछो, सहकर्मी से पूछो" आज लॉन्च हो रही है और अप्रैल भर APC.org, GenderIT.org और globalvoices.org पर प्रकाशित होगी। सामग्री का संपादन और अनुवाद लोग करेंगे, और लेखकों को पारिश्रमिक मिलेगा।
कठिन शब्द
- संपादक — किसी पत्रिका या साइट के लेख चुनने वाला व्यक्ति
- कॉपी-एडिट — लिखावट में विराम और वर्तनी ठीक करना
- वर्तनी — शब्दों को सही ढंग से लिखने का तरीका
- जोखिम — नुकसान या खतरे की संभावनाजोखिमों
- पारदर्शिता — काम या नीतियों का साफ और खुला होना
- पारिश्रमिक — किसी काम के बदले दिया गया पैसा
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपको क्यों लगता है कि संपादक AI के बढ़ते उपयोग पर चिंतित हैं?
- क्या आपको लगता है कि लेखकों को पारिश्रमिक देना सही है? क्यों?
- क्या आप कभी किसी लेख का अनुवाद या संपादन कर चुके हैं? अपना अनुभव बताइए।