फेज़ 2 नैदानिक परीक्षण के नए नतीजे दिखाते हैं कि बायस्पेसिफिक एंटीबॉडी linvoseltamab मल्टिपल मायलोमा के अवशिष्ट रोग को प्रभावी रूप से साफ़ कर सकती है। यह अध्ययन Sylvester Comprehensive Cancer Center के नेतृत्व में चला और निष्कर्ष Orlando में American Society of Hematology की बैठक में प्रस्तुत किए गए। कुल 25 रोगी भर्ती किए गए, जिनमें से कुछ ने छह चक्र तक इलाज पूरा किया।
linvoseltamab T कोशिकाओं पर मौजूद CD3 और मायलोमा कोशिकाओं पर BCMA दोनों से जुड़ती है ताकि T कोशिकाएँ कैंसर कोशिकाओं के साथ सीधे जुड़ कर ट्यूमर के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बढ़ाएँ। इलाज के बाद बोन मैरो की अत्यंत संवेदनशील जाँचों में, जो एक मिलियन सामान्य कोशिकाओं में से एक कैंसर कोशिका तक पता लगा सकती हैं, कई उपचारित मरीजों में detectable रोग नहीं मिला।
परीक्षण के दौरान कुछ रोगियों को न्यूट्रोपीनिया और ऊपरी श्वसन संक्रमण जैसे दुष्प्रभाव हुए, पर समग्र सुरक्षा प्रोफ़ाइल स्वीकार्य रही। शोधकर्ताओं ने साइटोकाइन रिलीज़ सिंड्रोम और immune effector cell-associated neurotoxicity syndrome को रोकने के कदम उठाए और अध्ययन में ऐसी प्रतिक्रियाएँ नहीं दर्ज हुईं। टीम ने भर्ती सीमा बढ़ाकर 50 प्रतिभागियों तक करने का निर्णय लिया है।
इन प्रारम्भिक परिणामों की पुष्टि के लिए बड़े और लंबे समय तक चलने वाले अध्ययन आवश्यक होंगे ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि linvoseltamab दीर्घकालिक नियंत्रण या किसी प्रकार की कार्यात्मक रुग्णता (functional cure) प्रदान कर सकता है या नहीं।