Texas A&M University की टीम ने Journal of Neuropathology & Experimental Neurology में प्रकाशित अध्ययन में दिखाया कि कुछ चूहा नस्लों में वायरल संक्रमण दीर्घकालिक तंत्रिका क्षति और ALS-समान रोगचक्र पैदा कर सकता है। शोधकर्ताओं ने Theiler’s murine encephalomyelitis virus (TMEV) का इस्तेमाल कर कई आनुवंशिक रूप से विविध नस्लों को संक्रमित किया और समय के साथ प्रतिक्रिया की तुलना की।
टीम ने संक्रमण के बाद स्पाइनल कॉर्ड में सूजन, वायरस की मात्रा, और रोग के नैदानिक लक्षण छह तरह से ट्रैक किए और पाया कि CC023 नस्ल में वायरस के साफ़ होने के बाद भी मांसपेशी ह्रास और लेज़न्स बने रहे। प्रारम्भिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सक्रिय थी, लेकिन बाद में वह रुक गई जबकि नैदानिक लक्षण जारी रहे।
- स्पाइनल कॉर्ड सूजन की तुलना विभिन्न समयों पर की गई।
- नस्लों के बीच सूजन के स्तर का तुलनात्मक परीक्षण किया गया।
- वायरस मात्रा और सूजन के बीच संबंध जाँचा गया।
शोध का निष्कर्ष यह है कि आरम्भिक वायरल संक्रमण संवेदनशील व्यक्तियों में स्थायी तंत्रिका क्षति और ALS-समकक्ष रोग को प्रेरित कर सकता है। यह मॉडल बायोमार्कर खोज और नए उपचारों के विकास के लिए एक उपयोगी साधन हो सकता है। अध्ययन का समर्थन कई राष्ट्रीय संस्थानों और एक ग्रेजुएट फेलोशिप ने किया।
कठिन शब्द
- दीर्घकालिक — लंबे समय तक मौजूद रहने वाला प्रभाव
- तंत्रिका क्षति — तंत्रिकाओं में होने वाला स्थायी नुकसान
- नैदानिक लक्षण — रोग में दिखाई देने वाले स्पष्ट स्वास्थ्य संकेत
- प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया — शरीर की संक्रमण से लड़ने वाली जैविक प्रक्रिया
- नस्ल — आनुवंशिक या उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकृत समूहनस्लों
- बायोमार्कर — रोग की उपस्थिति बताने वाला जैविक संकेत
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- इस शोध के आधार पर आप कैसे सोचते हैं कि वायरल संक्रमण और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के बीच संबंध की जांच आगे बढ़नी चाहिए?
- यदि यह मॉडल बायोमार्कर खोज में मदद कर सकता है, तो यह रोग के निदान या इलाज में किस तरह सहायक होगा? अपने विचार और एक उदाहरण बताइए।
- ऐसे जानवर मॉडल का इस्तेमाल करते समय किन नैतिक और वैज्ञानिक बातों पर ध्यान देना चाहिए?