University of Georgia की टीम ने 8,000 से अधिक बच्चों के डेटा का अध्ययन किया। शोध में ABCD अध्ययन की तीन चरणों की सर्वे प्रतिक्रियाएँ और मस्तिष्क इमेजिंग डेटा इस्तेमाल किए गए।
उन्होंने देखा कि 10 साल की उम्र में आर्थिक कठिनाई के अनुभव ने बाद में 11 और 12 साल की उम्र में आत्महत्यात्मक विचारों और प्रयासों का जोखिम बढ़ाया। कम नींद वाले बच्चे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में अधिक परेशानी दिखाते हैं। शोध में यह भी मिला कि मस्तिष्क के डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क की मजबूत कनेक्टिविटी कुछ सुरक्षा दे सकती है।
शोधकर्ता सुझाव देते हैं कि बाल‑चिकित्सा मुलाकातों और स्कूल कार्यक्रमों में नींद की स्क्रीनिंग शामिल की जानी चाहिए।
कठिन शब्द
- आर्थिक कठिनाई — पैसों या संसाधनों की कमी
- आत्महत्यात्मक विचार — अपने जीवन खत्म करने का ख्यालआत्महत्यात्मक विचारों
- डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क — दिमाग का वह हिस्सा जो आराम में सक्रिय रहता है
- कनेक्टिविटी — मस्तिष्क हिस्सों के बीच संबंध
- स्क्रीनिंग — किसी समस्या के लिए जांच करना
- नियंत्रित करना — भावनाओं या क्रिया को संभालनानियंत्रित करने
- मस्तिष्क — सिर के अंदर सोचने और नियंत्रण का अंग
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चर्चा के प्रश्न
- आपको क्यों लगता है कि अच्छी नींद बच्चों के लिए जरूरी है?
- स्कूलों में नींद की स्क्रीनिंग होने पर क्या बदल सकता है?
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