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स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
2 मिनट
82 शब्द
अध्ययन में 65 साल और उससे ऊपर के कई बुज़ुर्ग शामिल थे। प्रतिभागियों को या तो व्हे प्रोटीन कैप्सूल दिए गए या प्लेसबो। कुछ लोगों को पोटैशियम बाइकार्बोनेट भी दिया गया ताकि शरीर के अम्ल पर असर देखा जा सके।
परीक्षण 24 सप्ताह तक चला और ताकत के लिए लेग प्रेस तथा संतुलन जैसे परीक्षण किए गए। मुख्य नतीजा यह रहा कि अतिरिक्त प्रोटीन से 24 सप्ताह में ताकत में कोई सुधार नहीं दिखा। परिणाम महिलाओं और पुरुषों दोनों में समान रहे।
कठिन शब्द
- प्रतिभागी — अध्ययन या परीक्षण में हिस्सा लेने वाला व्यक्तिप्रतिभागियों
- प्लेसबो — कोई निष्क्रिय दवा जो असर न दिखाए
- पोटैशियम बाइकार्बोनेट — एक रसायन जो शरीर के अम्ल को बदल सकता है
- अम्ल — रसायन जो खट्टा या तेज होता है
- लेग प्रेस — पैरों की ताकत जांचने वाला व्यायाम
- नतीजा — किसी अध्ययन या परीक्षण से प्राप्त परिणाममुख्य नतीजा
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या 24 सप्ताह का समय ताकत बदलने के लिए काफी था? क्यों?
- अगर आप 65 साल या उससे ऊपर हों, क्या आप प्रोटीन लेना पसंद करेंगे? अपना छोटा कारण बताइए।
- क्या आपने कभी संतुलन या लेग प्रेस जैसा व्यायाम किया है? आपका अनुभव क्या रहा?