गीली सतह पर वाहन चलाते समय हाइड्रोप्लानिंग तब होता है जब टायर और सड़क के बीच पानी जमा होकर टायर की पकड़ कम कर देता है। शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर मॉडल और लाइव सिमुलेशन के साथ फील्ड परीक्षण किए, जिनमें टायरों को एक उपकरण में लगाकर गति बदलकर और सड़क पर पानी डालकर बल मापे गए।
परीक्षणों से पता चला कि वाहन की गति और पानी की मोटाई दोनों हाइड्रोप्लानिंग के जोखिम को प्रभावित करती हैं। पानी की मोटाई बढ़ने से जोखिम पहले बढ़ता है, लेकिन लगभग 10 मिलीमीटर पर जोखिम घटने लगता है। पतली पानी की परतें टायर के लिए भेदना कठिन बनाती हैं और गहरे पानी में शुरुआत में जोखिम सबसे अधिक होता है।
साधारण उपाय जैसे बारिश में धीमी गति, घिसे टायर बदलना और बेहतर सड़क सतह मदद कर सकते हैं। अध्ययन Applied Sciences में प्रकाशित हुआ और शोधकर्ता इससे जुड़ी सुरक्षा बातें बताते हैं।
कठिन शब्द
- हाइड्रोप्लानिंग — गीली सड़क पर टायर पानी पर तैरना
- पकड़ — वाहन को सड़क पर थामने की शक्ति
- सिमुलेशन — कंप्यूटर पर किसी घटना की नकली प्रस्तुति
- फील्ड परीक्षण — बाहर वास्तविक हालात में किए गए परीक्षण
- मोटाई — परत की गहराई, कितना पानी जमा है
- घिसा — किसी चीज के बहुत उपयोग से कम होनाघिसे
- बल — किसी वस्तु पर लगने वाली ताकत
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- बारिश में गाड़ी चलाते समय आप किन उपायों को अपनाएंगे? ऊपर के सुझावों के अनुसार बताइए।
- आपके इलाके में पानी जमा होने पर सड़क सतह कैसे सुधारी जा सकती है? अपने विचार लिखिए।
- क्या आपने कभी हाइड्रोप्लानिंग का अनुभव किया है? यदि हाँ तो क्या हुआ और आपने क्या किया?