एशियाई शहरों में बढ़ता ट्रैफिक जाम तेज विकास का संकेत है पर यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्थाओं के लिए गंभीर चुनौती भी बन गया है। सड़कों पर जाम ग्रीनहाउस गैस और जहरीले प्रदूषक बढ़ाते हैं, जिससे जीवन स्तर घटता है और आर्थिक लागत बढ़ती है; अनुमान है कि सड़क जाम एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को वार्षिक रूप से GDP का 2 से 5 प्रतिशत तक का नुकसान पहुंचाता है, और करीब 44 million लोग शहरों में रोज़ाना या नियमित रूप से यात्रा करते हैं।
नीति‑स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। न्यू दिल्ली में डीजल वाहन जो दस वर्ष से पुराने हैं और पेट्रोल वाहन जो पंद्रह वर्ष से पुराने हैं, उन्हें जब्त कर नष्ट किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में 5 मिलियन वाहन हटाए गए, जिससे लगभग 35 per cent कम ट्रैफिक हुआ। शहर 3,700 राज्य‑मालिकाना बसों में से 800 बसें बिजली पर चला रहा है और Delhi Electric Vehicles Policy के अनुसार by the end of 2024 कम से कम 25 per cent नए पंजीकृत वाहन इलेक्ट्रिक होने का लक्ष्य है। दिल्ली मेट्रो का विस्तार 288 स्टेशनों और 392 किलोमीटर ट्रैक तक पहुँच चुका है; 2022 में रोजाना औसतन 2.5 million यात्री मेट्रो का उपयोग करते थे।
अन्य शहर भी रणनीतियाँ अपना रहे हैं। बैंकॉक ने पार्किंग शुल्क और इनर‑सिटी टोल जैसे मूल्य‑आधारित उपाय लागू किए हैं और बस व मेट्रो बेड़ों का आधुनिकीकरण कर रहा है। फिलीपींस में एशियन डेवलपमेंट बैंक की urban transport lending portfolios (US$11.48 billion) और Metro Rail Transit Line 4 के लिए US$1-billion ऋण से कई रेल प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे हैं; Metro Manila एक US$7 billion, 33 किलोमीटर सबवे बना रहा है जो 2027 में पूरा होने पर रोज़ाना 800,000 यात्रियों को सेवा देगा, और पहला चरण around the second half of 2025 पूरा होने का अनुमान है। जकार्ता भी रेल‑बस समेकन और फ्लीट का इलेक्ट्रिफिकेशन योजना बना रहा है।
टेक्नोलॉजी जैसे सेंसर, वायरलेस नेटवर्क और ऐप‑आधारित सेवाएँ (Google Maps, Uber, Grab) रीयल‑टाइम ट्रैफिक मानचित्र और विकल्प देती हैं, जिनका उपयोग योजनाकार शहरी जीवन बेहतर करने और उत्सर्जन कम करने के लिए कर सकते हैं। फिर भी निजी वाहन की बढ़ती प्राथमिकता और संचालन की जटिलताएँ बड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
कठिन शब्द
- नीति‑स्तर — सरकारी फैसलों और नियमों का स्तर
- लागत — किसी काम पर होने वाला खर्च
- प्रदूषक — हवा या पानी में हानिकारक पदार्थ
- उत्सर्जन — वातावरण में छोड़े जाने वाले गैस
- आधुनिकीकरण — पुरानी चीज़ों का नया और आधुनिक बनाना
- समेकन — अलग‑अलग चीज़ों को जोड़ना
- इलेक्ट्रिफिकेशन — वाहनों या सिस्टम का बिजली पर चलना
- ऋण — वापस करने की शर्त पर दिया पैसा
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- निजी वाहन प्राथमिकता घटाने के लिए आपके शहर में कौन‑से उपाय प्रभावी हो सकते हैं? लेख के उदाहरणों से समझाइए।
- दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति और मेट्रो विस्तार के क्या संभावित फायदे और सीमाएँ हो सकती हैं? अपने विचार लिखिए।
- ऐप और सेंसर‑आधारित जानकारी का उपयोग शहरी जीवन और उत्सर्जन कम करने में कैसे किया जा सकता है? रोज़मर्रा के किसी उदाहरण के साथ बताइए।