शोधकर्ता यह समझना चाहते थे कि कार के बड़े टच स्क्रीन से हुई दृश्य मांग ड्राइविंग और टच-स्क्रीन उपयोग को कैसे प्रभावित करती है। इसके लिए उन्होंने 16 प्रतिभागियों का वाहन सिम्युलेटर में परीक्षण किया। प्रतिभागियों ने 12-इंच टच स्क्रीन के साथ काम करते हुए N-back स्मृति कार्य भी किया, जिसमें हर 2.5 सेकंड पर संख्याएँ सुनाई गईं और कुछ अंक दोहराने होते थे। शोध टीम ने नज़र (gaze), उंगलियों की हरकत, पुतली का व्यास और इलेक्ट्रोडर्मल सक्रियता माप कर संज्ञानात्मक भार का अनुमान लगाया।
परिणामों में स्पष्ट गिरावट आई: टच इंटरैक्शन के दौरान लेन ड्रिफ्ट 42% अधिक हुआ; टच स्क्रीन की गति और सटीकता ड्राइविंग के दौरान 58% कम हुई और उच्च संज्ञानात्मक भार के तहत इसमें अतिरिक्त 17% की गिरावट आई; प्रत्येक बार टच स्क्रीन की ओर देखा जाने वाला नज़र का समय उच्च भार में 26.3% कम हुआ; और "हैंड‑बिफोर‑आई" व्यवहार मेमोरी कार्य जोड़ने पर 63% से बढ़कर 71% हो गया।
टच टारगेट बढ़ाने से प्रदर्शन में सुधार नहीं दिखा। Xiyuan Alan Shen ने कहा कि लोग अक्सर देखने से पहले हाथ बढ़ाते हैं, इसलिए समस्या बटन के आकार की बजाय दृश्य खोज से जुड़ी है। शोधकर्ताओं ने यह काम ACM Symposium on User Interface Software and Technology, Busan, Korea में प्रस्तुत किया और सुझाव दिया कि भविष्य के इन‑कार सिस्टम साधारण सेंसर (जैसे आई‑ट्रैकिंग या स्टीयरिंग व्हील पर टच सेंसर) से ध्यान और संज्ञानात्मक भार मॉनिटर कर के इंटरफेस बदल सकते हैं। को‑सीनियर लेखक James Fogarty और Jacob O. Wobbrock हैं; अन्य सहलेखक University of Washington और Toyota Research Institute से हैं। यह कार्य आंशिक रूप से TRI द्वारा वित्तपोषित था।
कठिन शब्द
- दृश्य मांग — स्क्रीन देखने की ड्राइविंग में आवश्यकताएँ
- संज्ञानात्मक भार — मस्तिष्क पर काम करने का मानसिक दबाव
- लेन ड्रिफ्ट — गाड़ी की लेन से अनियोजित विचलन
- पुतली का व्यास — आँख की पुतली की चौड़ाई का माप
- इलेक्ट्रोडर्मल सक्रियता — त्वचा पर होने वाली विद्युत गतिविधि का माप
- N-back स्मृति कार्य — पिछले आइटम याद रखने का स्मृति परीक्षण
- हैंड‑बिफोर‑आई — हाथ देखने से पहले आगे बढ़ाने का व्यवहार
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- टच‑स्क्रीन इंटरफेस के कारण ड्राइविंग पर संज्ञानात्मक भार बढ़ता है—ऐसे इंटरफेस डिजाइन में आप क्या बदलाव सुझाएँगे ताकि ड्राइवर कम विचलित हों?
- लेख में सुझाए गए सरल सेंसर (जैसे आई‑ट्रैकिंग या स्टीयरिंग व्हील सेंसर) से इंटरफेस कैसे अनुकूल हो सकते हैं? अपने विचार और संभावित फायदे/नुकसान बताइए।
- आपके हिसाब से किन वाहन‑फंक्शन को टच‑स्क्रीन पर रखना सुरक्षित है और किन को भौतिक बटन पर रखना चाहिए? अपने तर्क संक्षेप में लिखिए।