नए शोध में बताया गया है कि पक्षियों के झुंड और मछलियों के समूह कैसे साथ में चलते हैं। शोधकर्ताओं ने एक गणितीय मॉडल दिया जो समूहों को नरम क्रिस्टल की तरह बताता है। इसमें प्रत्येक जानवर एक नियमित जाली में होता है और लचीले बंध से जुड़ा रहता है। यह संरचना हवा या पानी के बहाव और पास के शिकारी पर संवेदनशील रहती है।
मॉडल की परीक्षा के लिए टीम ने पुराने प्रयोगों का अध्ययन किया। एक प्रयोग में प्लास्टिक के 3D-प्रिंट किए पंखों वाले फ्लैपर्स को पानी में मोटर से चलाया गया। नकली झुंड अलग गति पर चला और मॉडल की भविष्यवाणियाँ मिल गईं। लेख ने इन निष्कर्षों के उपयोग रोबोटिक्स, अभियांत्रिकी और ऊर्जा संचयन में संभावित बताया।
कठिन शब्द
- शोध — नया ज्ञान पाने के लिए किया गया कामशोधकर्ताओं
- गणितीय — गणित से जुड़ा हुआ या गणित पर आधारित
- मॉडल — किसी चीज़ का सरल या नमूना रूप
- जाली — नियमित रूप से बने हुए जाल जैसा ढांचा
- लचीला — आसानी से मोड़ने या बदलने के योग्यलचीले
- संरचना — किसी वस्तु या समूह का व्यवस्थित ढांचा
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपने कभी पक्षियों के झुंड या मछलियों के समूह को एक साथ चलते देखा है? बताइए।
- आपके विचार में रोबोटिक्स में समूह जैसा व्यवहार किस तरह काम आ सकता है?
- किसी समूह का शिकारी पर संवेदनशील होना क्यों महत्वपूर्ण लगता है?