टीमों ने—यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिचिगन, Harvard University और Duke University—नए विश्लेषण में पाया कि कई अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में तंबाकू जैसी लत देने वाली कुछ विशेषताएँ हैं। यह विश्लेषण The Milbank Quarterly के नए अंक में प्रकाशित हुआ और इसमें लत विज्ञान, पोषण अनुसंधान और तंबाकू नियमन के इतिहास को आधार बनाया गया है।
शोध में कहा गया है कि कुछ उत्पाद जानबूझकर इस तरह तैयार किए जाते हैं कि मस्तिष्क में इनाम का संकेत तेज हो, आदत बनने के संकेत बढ़ें और सार्वजनिक धारणा को ढाल कर कंपनियों के मुनाफे की रक्षा हो सके। उदाहरण के तौर पर पैक किए स्नैक्स, शुगरयुक्त पेय, तैयार भोजन और कुछ फास्ट फूड शामिल हैं।
प्रथम लेखिका Ashley Gearhardt, जो University of Michigan की क्लिनिकल साइकॉलॉजी की प्रोफेसर हैं, कहती हैं कि कुछ स्नैक्स को रखना मुश्किल लगता है, पर यह नहीं कहतीं कि खाना पीना वही है जो धूम्रपान है। लेखक सुझाव देते हैं कि खाद्य नीति तंबाकू नियमन की तरह विकसित हो सकती है और अधिक जवाबदेही की आवश्यकता हो सकती है। यह शोध University of Michigan ने रिपोर्ट किया और Futurity पर प्रकाशित हुआ।
कठिन शब्द
- अल्ट्राप्रोसेस्ड — बहुत अधिक संसाधित या तैयार किया हुआ भोजन
- विश्लेषण — किसी विषय का व्यवस्थित अध्ययन या जाँच
- लत — किसी व्यवहार या पदार्थ की मजबूत आदत
- नियमन — किसी क्षेत्र पर नियम और नियंत्रण लागू करना
- जवाबदेही — अपनी कार्रवाई का उत्तर देने की जिम्मेदारी
- अनुसंधान — नए तथ्यों या जानकारी की व्यवस्थित खोज
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपने कभी ऐसा अल्ट्राप्रोसेस्ड स्नैक खाया जिसे छोड़ना मुश्किल लगा? क्यों ऐसा लगा?
- आप क्या सोचते हैं: क्या खाद्य नीति को तंबाकू नियमन की तरह बदलना चाहिए? अपने विचार बताइए।
- कंपनियाँ अगर मुनाफा बचाने के लिए उत्पाद बनाती हैं तो उपभोक्ता और सरकार क्या कदम ले सकते हैं?