Zurich विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने युरैनस और नेप्च्यून की आंतरिक संरचना के लिए नए गणनात्मक मॉडल पेश किये हैं। यह काम पीएचडी छात्र Luca Morf के नेतृत्व में और प्रोफेसर Ravit Helled के सुझाव पर हुआ। शोधकर्ता कहते हैं कि पारंपरिक "आइस जायंट" वर्गीकरण बहुत सरल था और इन ग्रहों की असल प्रकृति अब बेहतर तरीके से प्रतिस्थापित मॉडल के जरिये जांची जा सकती है। Helled ने बताया कि यह विचार उन्होंने लगभग 15 साल पहले सुझाया था और अब संख्यात्मक ढाँचा उपलब्ध है।
टीम ने दो तरह के पुराने दृष्टिकोणों को मिलाया: भौतिकी-आधारित मॉडल जो कइयों धारणाओं पर निर्भर थे और अनुभवजन्य मॉडल जो अधिक सरल थे। उनके तरीके में यादृच्छिक घनत्व प्रोफ़ाइल से शुरू कर उस ग्रह का गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र निकाला जाता है और अवलोकनीय डेटा से मेल कराने के लिए यह चक्र कई बार दोहराया जाता है। परिणामों की व्यापक श्रेणी यह दिखाती है कि दोनों ग्रह पानी-समृद्ध या चट्टान-समृद्ध समाधान दे सकते हैं, न कि अनिवार्य रूप से आइस-प्रधान।
अध्ययन चुम्बकीय क्षेत्रों के पैटर्न के लिए भी व्याख्या देता है: मॉडलों में मौजूद तथाकथित "आयनिक पानी" परतें ऐसे स्थानों में डायनामो उत्पन्न करती हैं जो देखे गए गैर-द्विध्रुवीय चुम्बकीय क्षेत्रों को समझाती हैं, और युरैनस का क्षेत्र नेप्च्यून की तुलना में गहरे उत्पन्न होता दिखाई देता है। हालांकि, अत्यधिक दबाव और तापमान पर पदार्थों के व्यवहार की सीमित समझ इन निष्कर्षों पर प्रभाव डाल सकती है। शोधकर्ता कहते हैं कि वर्तमान अवलोकन दोनों संभावनाओं के बीच भेद करने के लिए अपर्याप्त हैं, इसलिए युरैनस और नेप्च्यून के समर्पित मिशन आवश्यक हैं। अध्ययन Astronomy & Astrophysics में प्रकाशित हुआ है; स्रोत: University of Zurich।
कठिन शब्द
- गणनात्मक — संगणक के आँकड़ों और सूत्रों पर आधारित
- आंतरिक — किसी ग्रह के अंदर का भाग या संरचना
- यादृच्छिक — किसी निश्चित क्रम या योजना बिना हुआ
- घनत्व — किसी पदार्थ की मात्रा प्रति इकाई आयतन
- गुरुत्वाकर्षण — पिंडों के बीच आकर्षण की प्राकृतिक शक्ति
- अवलोकनीय — दिखाई देने या मापन से हासिल होने योग्य
- आयनिक — चार्ज कणों से बना हुआ पदार्थ या परत
- डायनामो — चुम्बकीय क्षेत्र पैदा करने वाला प्रवाह या प्रक्रिया
- गैर-द्विध्रुवीय — जिसमें स्पष्ट दो चुंबकीय ध्रुव नहीं होते
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि 'आइस जायंट' लेबल अब उपयुक्त है या इसे बदलना चाहिए? अपने तर्क बताइए।
- यदि युरैनस और नेप्च्यून के लिए समर्पित मिशन भेजे जाएँ, तो किन प्रकार के अवलोकन सबसे मददगार होंगे और क्यों?
- अत्यधिक दबाव और तापमान पर पदार्थों के व्यवहार की सीमित समझ मॉडल के निष्कर्षों को कैसे प्रभावित कर सकती है? उदाहरण दें।
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