नया शोध बताता है कि रेगिस्तानी तरह के सूखे बाह्य ग्रह जीवन के लिए कम अनुकूल हो सकते हैं। सतह पर कार्बन चक्र को बनाए रखने के लिए पृथ्वी के महासागरों का लगभग 20–50% पानी जरूरी माना गया है।
ETH Zurich के शोध से पता चला है कि पृथ्वी की मुख्य सामग्री भीतरी सौर तंत्र से आई है। बाहरी सामग्री संभवतः पृथ्वी के द्रव्यमान का 2% से भी कम है या शून्य है।
खगोलविदों ने Gaia20ehk नाम के तारे में दो ग्रहों के टकराने का दुर्लभ सबूत पाया। दृश्य प्रकाश में कमी और अवरक्त प्रकाश में उछाल मलबे के गर्म होने का संकेत देते हैं।
कैसिनी डेटा के नए विश्लेषण से पता चलता है कि शनि के चंद्रमा टाइटन के अंदर एक गहरे वैश्विक महासागर की बजाय एक मोटी चिपचिपी परत और पिघलन-जेब हो सकती हैं। यह खोज रहने योग्य वातावरण के विचार बदल सकती है।
Zurich विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने युरैनस और नेप्च्यून के लिए नए मॉडल बनाए। ये मॉडल दिखाते हैं कि दोनों ग्रह आइस-प्रधान नहीं भी हो सकते और उनके असामान्य चुम्बकीय क्षेत्र समझ में आ सकते हैं।