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स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
2 मिनट
114 शब्द
शोधकर्ताओं ने देखा कि कुछ ओवरी कैंसर कोशिकाएँ कीमोथेरेपी की दवाओं के प्रति प्रतिरोधी बन जाती हैं और उन्होंने एक प्रोटीन TPPP3 की पहचान की। अध्ययन का ध्यान cisplatin पर था, जो कई तरह के कैंसरों में इस्तेमाल होती है।
पता चला कि cisplatin सिर्फ DNA को नहीं नुकसान पहुँचाती, यह कोशिका के अंदर के तंतुओं (माइक्रोट्यूब्यूल्स) को भी प्रभावित करती है। जिन कोशिकाओं में TPPP3 ज्यादा था वे इन तंतुओं को स्थिर रख सकती थीं और दवा का प्रतिरोध कर रही थीं। प्रयोगशाला में TPPP3 हटाने से दवा फिर से प्रभावी हुई। अगला कदम TPPP3 को लक्ष्य बनाकर दवाओं का विकास और इसे जोखिम के संकेतक (बायोमार्कर) के रूप में परखा जाना है।
कठिन शब्द
- प्रतिरोधी — दवा के असर से बचने की अवस्था
- तंतु — कोशिका के अंदर पतले, रेशेदार भागतंतुओं
- प्रोटीन — कोशिका में काम करने वाला एक बड़ा अणु
- स्थिर — हिलने या बदलने से बचा हुआ, सुरक्षित
- बायोमार्कर — जोखिम या बीमारी दिखाने वाला जैविक संकेत
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप कैसे समझते हैं कि तंतुओं का स्थिर होना दवा के प्रतिरोध से कैसे जुड़ता होगा?
- TPPP3 को लक्ष्य बनाकर नई दवाएँ बनाने का क्या फायदा हो सकता है?
- यदि कोई दवा प्रतिरोधी हो जाती है, तो मरीजों के लिए क्या समस्या उत्पन्न हो सकती है?