द यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा के शोध से पता चला कि पढ़ते समय आँखों और मस्तिष्क की गतिविधि के बीच कसकर तालमेल होता है। अध्ययन Psychophysiology में प्रकाशित हुआ और इसका नेतृत्व Elizabeth Schotter ने किया जबकि प्रमुख लेखक Sara Milligan थीं।
टीम ने प्रतिभागियों को सामान्य रूप से पढ़ने दिया, EEG कैप से मस्तिष्क तरंगें रिकॉर्ड कीं और कैमरा-आधारित आई-ट्रैकिंग से नजर की पथरी ट्रैक की। पढ़ते समय आँखों की हरकतें लगभग हर 250 milliseconds होती हैं, इसलिए शोधकर्ताओं ने नेत्र-डेटा को वास्तविक समय की मस्तिष्क गतिविधि से जोड़ा।
55 प्रतिभागियों ने लगभग दो घंटे के सत्र में 180 वाक्य एक-एक करके मौन पढ़े और हर वाक्य के बाद बटन दबाया। कुछ वाक्यों में आने वाले शब्द expected, slightly altered या unexpected बनाए गए। नतीजे दिखाते हैं कि छोड़े गए शब्दों को मस्तिष्क अक्सर आंशिक रूप से दर्ज कर लेता है और शब्द की अपेक्षा का मूल्यांकन कर सकता है।
कठिन शब्द
- शोध — ज्ञान या सच को जानने की व्यवस्थित जांच
- तालमेल — दो चीज़ों का एक साथ ठीक काम करना
- मस्तिष्क — शरीर का वह भाग जो सोचता और नियंत्रित करता है
- प्रतिभागी — जिसने किसी अध्ययन या प्रयोग में हिस्सा लिया होप्रतिभागियों
- रिकॉर्ड — किसी घटना या संकेत को लिखकर या मापकर रखना
- अपेक्षा — किसी घटना के होने की उम्मीद या अनुमान
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि पढ़ते समय आँखों की निगरानी से पढ़ाई में मदद मिल सकती है? क्यों?
- अगर किसी वाक्य में शब्द छुट जाएँ तो आप उसे कैसे समझते हैं कि आपने वह शब्द पढ़ा या नहीं? अपने अनुभव बताइए।
- ऐसे प्रयोगों में जानकारी इकट्ठा करने से क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते हैं?
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