शोधकर्ताओं ने MRI स्कैन और फिजिक्स-इनफॉर्म्ड आर्टिफिशल इंटेलिजेंस को मिलाकर मस्तिष्क में धीरे बहने वाले तरल प्रवाहों को मापने का तरीका विकसित किया है। ये प्रवाह glymphatic प्रणाली का हिस्सा हैं, जिसे 2012 में University of Rochester की Maiken Nedergaard ने वर्णित किया था, और ये मेटाबॉलिक अपशिष्ट जैसे amyloid beta हटाने से जुड़े हैं। यह काम Science Advances में प्रकाशित हुआ है।
पारंपरिक MRI पूरे मस्तिष्क की तीन आयामों में इमेजिंग कर सकता है, लेकिन बहुत धीमी गति वाले प्रवाहों का वेग पकड़ नहीं पाता। इसलिए टीम ने समय के साथ रंजक के फैलने वाले वीडियो पर न्यूरल नेटवर्क प्रशिक्षित किए। फिजिक्स-इनफॉर्म्ड AI ने उन वीडियो से प्रवाह की रफ्तार और मस्तिष्क ऊतक की पारगम्यता का अनुमान लगाया। परिणामों से दो मुख्य मार्ग दिखे: एक तेज़ मार्ग जो खुले क्षेत्रों के चारों ओर कुछ माइक्रोन प्रति सेकंड की रफ्तार से चलता है (उदाहरण के लिए खोपड़ी और मस्तिष्क की सतह के बीच), और एक धीमा मार्ग जो गहरे ऊतक में लगभग 50 गुना धीमा रिसता है।
अब तक टीम ने चूहों जैसे जानवरों में बेसलाइन माप जुटाए हैं और वे स्वस्थ व बीमार, युवा व वृद्ध मस्तिष्कों की तुलना करने की योजना बना रहे हैं। Professor Douglas Kelley (University of Rochester, मैकेनिकल इंजीनियरिंग) कहते हैं कि मानव मस्तिष्कों में इन प्रवाहों को मापने की क्षमता नैदानिक उपयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि ये विधियाँ अल्जहाइमर रोगी में परिसंचरण दोष जांचने, जीवन के पहले चरणों में खराब परिसंचरण की स्क्रीनिंग करने, या कंसशन के बाद तरल व्यवधान का मूल्यांकन करने में मदद कर सकती हैं।
अतिरिक्त सहयोगी Brown University, URochester, और University of Copenhagen हैं। इस शोध का समर्थन NIH National Center for Complementary and Integrative Health और NIH BRAIN Initiative ने किया।
कठिन शब्द
- प्रणाली — एक व्यवस्थित अंगों या भागों का समूह
- पारगम्यता — ऊतक से तरल गुजरने की क्षमता
- रंजक — छवि बनाने में उपयोग किया गया रंगीन पदार्थ
- प्रवाह — किसी द्रव का एक जगह से दूसरी जगह चलनाप्रवाहों
- रिसना — धीरे-धीरे तरल का बाहर निकलनारिसता
- परिसंचरण — रक्त या तरल का शरीर में प्रवाह
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चर्चा के प्रश्न
- मानव मस्तिष्कों में इन प्रवाहों को मापने से किस तरह की नैदानिक मदद मिल सकती है? उदाहरण बताइए।
- चूहों में प्राप्त बेसलाइन मापों के आधार पर टीम मानव मस्तिष्कों की तुलना क्यों करना चाहेगी? संभावित फायदे और सीमाएँ लिखिए।
- यह विधि अल्जाइमर रोगी या कंसशन के बाद तरल व्यवधान के मूल्यांकन में कैसे उपयोगी हो सकती है? अपने विचार के कारण बताइए।