University of Michigan के नए अध्ययन में दिखाया गया कि कुछ मिडब्रेन डोपामाइन न्यूरॉन्स NREM नींद के दौरान तभी सक्रिय होते हैं जब किसी व्यक्ति ने हाल ही में कोई नया शारीरिक आंदोलन सीखा हो।
शोध में यह पाया गया कि रात के समय इन कोशिकाओं में गतिविधि अचानक बढ़ती है और यह उभार स्लीप स्पिंडल्स के साथ समकालिक होता है, जो मेमोरी कंसोलिडेशन का संकेत माना जाता है। इस सिंक्रनाइज़्ड गतिविधि से मोटर यादें सुदृढ़ होती हैं और नींद के बाद प्रदर्शन अधिक सटीक हो जाता है।
लेखक कहते हैं कि यह खोज डोपामाइन को केवल इनाम और दिनकालीन प्रेरणा तक सीमित समझने के सामान्य विचार को चुनौती देती है। शोध से न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों से जुड़े रिश्तों को समझने में भी मदद मिल सकती है और इससे बेहतर चिकित्सीय उपाय विकसित हो सकते हैं।
कठिन शब्द
- मिडब्रेन — मस्तिष्क का बीच वाला भाग
- डोपामाइन — मस्तिष्क में एक रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ
- NREM — नींद का वह चरण जब आँखें तेज़ी से नहीं चलतीं
- स्लीप स्पिंडल्स — नींद में दिखाई देने वाला मस्तिष्क की लहर गतिविधि
- कंसोलिडेशन — यादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना
- न्यूरोडीजेनेरेटिव — ऐसी बीमारियाँ जो मस्तिष्क की कोशिकाएँ नष्ट करती हैं
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आपको लगता है कि नई शारीरिक कौशल सीखने के बाद अच्छी नींद लेना जरूरी है? क्यों?
- यह खोज किस तरह से न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के इलाज के नए विचार दे सकती है? अपने विचार बताइए।
- आपने कभी देखा है कि नींद के बाद किसी कौशल में आपका प्रदर्शन बेहतर हुआ हो? उस अनुभव के बारे में बताइए।
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