यूनिवर्सिटी ऑफ़ ज्यूरिख के शोध में यह बताया गया कि मस्तिष्क कैसे लोगों को दूसरे व्यक्तियों के अनुसार अपना व्यवहार बदलने में मार्गदर्शन करता है। क्रिश्चियन रफ के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने 550 से अधिक प्रतिभागियों से रॉक-पेपर-सीज़र खेल खेलवाए, जिनमें वे मानव और कृत्रिम प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ लगातार निर्णय लेते रहे। टीम ने निर्णय-प्रक्रिया को औपचारिक करने के लिए एक नया कम्प्यूटेशनल मॉडल इस्तेमाल किया।
मॉडल ने मापा कि प्रतिभागी प्रतिद्वंद्वियों को कितनी रणनीतिक समझते हैं और हर दौर के बाद वे अपने अनुमानों को कितना अपडेट करते हैं। सह-प्रथम लेखक निक्लास बुर्गी ने कहा, "कुछ लोग यह बहुत तेज़ी से कर लेते हैं — वे अक्सर पहचान लेते हैं कि प्रतिद्वंद्वी कौन सी रणनीति अपना रहा है। अन्य सही अनुमान लगाने में बहुत अधिक समय लेते हैं।"
fMRI से एक वितरित मस्तिष्क नेटवर्क सक्रिय पाया गया। प्रमुख क्षेत्र थे:
- टेम्पोरोपैराइटल कॉर्टेक्स
- डोर्सोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स
- एंटेरिअर इनसुला और निकटवर्ती वेंट्रोलैटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स
गोकहान आयदोगन ने कहा, "ऐसे क्षणों में उन मस्तिष्क क्षेत्रों की गतिविधि मापनीय रूप से बदल जाती है।" टीम ने पाया कि इन गतिविधि पैटर्नों से यह भविष्यवाणी की जा सकती थी कि कोई व्यक्ति अपने अनुमानों को कितना एडैप्ट करेगा। रफ के अनुसार, "यह भविष्यवाणी उन प्रतिभागियों के साथ भी काम करती थी जिनके मस्तिष्क डेटा अभी मॉडल में जोड़े नहीं गए थे।" यह अनुमान लगभग 90% प्रतिभागियों के साथ सफल रहा और शोधकर्ता इसे एडैप्टिव मेंटलाइज़ेशन की न्यूरल फिंगरप्रिंट कहते हैं। अध्ययन ने प्रदर्शित किया कि मेंटलाइज़ेशन निरंतर अनुकूलन है और ऐसे न्यूरल मार्कर सामाजिक संज्ञान का अधिक वस्तुनिष्ठ आकलन करने तथा थेरेपी के विकास व मूल्यांकन का मार्गदर्शन कर सकते हैं। यह शोध Nature Neuroscience में प्रकाशित हुआ।
कठिन शब्द
- कम्प्यूटेशनल मॉडल — निर्णय प्रक्रिया को गणितीय रूप से दिखाने का तरीका
- रणनीति — किसी लक्ष्य के लिए बनाया हुआ कार्य योजना
- अनुमान — भविष्य या स्थिति के बारे में एक विचारअनुमानों
- एडैप्टिव — परिवर्तन के अनुसार खुद को बदलने वाला
- मेंटलाइज़ेशन — दूसरों की मानसिक स्थिति समझने की प्रक्रियाएडैप्टिव मेंटलाइज़ेशन
- न्यूरल फिंगरप्रिंट — मस्तिष्क गतिविधि का विशिष्ट पैटर्न
- न्यूरल मार्कर — मस्तिष्क से मिलने वाला संकेत या निशान
- सामाजिक संज्ञान — लोगों और समाज से जुड़ी सोच समझ
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- न्यूरल मार्कर और न्यूरल फिंगरप्रिंट का उपयोग थेरेपी के विकास और मूल्यांकन में कैसे मदद कर सकता है? उदाहरण दें।
- क्या आप सोचते हैं कि कम्प्यूटेशनल मॉडल वास्तविक जीवन के सामाजिक निर्णयों को समझने में उपयोगी होंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- इस अध्ययन में यह पाया गया कि भविष्यवाणी उन प्रतिभागियों पर भी काम करती थी जिनका मस्तिष्क डेटा मॉडल में शामिल नहीं था। आप इसके क्या निहितार्थ समझते हैं?