शोध में प्रयोगशाला प्रोटोकॉल को गणितीय और कम्प्यूटेशनल वर्कफ्लो के साथ संयोजित किया गया ताकि एकल-कोशिका स्तर पर समय के साथ न्यूरॉन्स और नेटवर्क का अनुक्रमिक अध्ययन संभव हो। University of Michigan की टीम ने गणितीय वर्कफ्लो विकसित किए, जबकि जापान और स्विट्ज़रलैंड की टीमें प्रायोगिक उपकरण तैयार कर रही थीं।
जापानी समूह, जिनका नेतृत्व Hiroki Ueda ने RIKEN में किया, ने लाइट-शीट माइक्रोस्कोपी से चूहों के मस्तिष्क की 3D तस्वीरें लीं और आनुवंशिक चिह्नन से सक्रिय कोशिकाओं को चमकने लायक बनाया। प्रमुख खोज यह थी कि जानवर के दैनिक चक्र के साथ मस्तिष्क गतिविधि सुसंगत रूप से स्थानांतरित होती है।
Daniel Forger ने कहा कि टीम ऐसी हस्तियाँ विकसित करना चाहती है जो बताएं कि लोग कब विशेष रूप से थके हुए होते हैं। Guanhua Sun ने कहा कि गणित सरल है और इस पद्धति को EEG, PET या MRI से प्राप्त मोटे मानव डेटा पर अपनाया जा सकता है। अध्ययन Steven Brown को समर्पित था और इसे कई फंडिंग एजेंसियों ने समर्थित किया।
कठिन शब्द
- प्रोटोकॉल — किसी काम के लिखित नियम और तरीका
- वर्कफ्लो — किसी कार्यों का क्रम व प्रक्रियाकम्प्यूटेशनल वर्कफ्लो
- एकल-कोशिका — केवल एक कोशिका का स्तर
- माइक्रोस्कोपी — छोटी चीजों का सूक्ष्म चित्र देखने की विधिलाइट-शीट माइक्रोस्कोपी
- चिह्नन — जीनों के आधार पर पहचान या चिन्ह लगानाआनुवंशिक चिह्नन
- सुसंगत — एक-दूसरे से मेल खाता हुआसुसंगत रूप से
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चर्चा के प्रश्न
- आपको क्या लगता है, मस्तिष्क गतिविधि के दैनिक चक्र में बदलने का हमारे नींद‑काम चक्र पर क्या असर होगा?
- यदि 'हस्तियाँ' दिखा सकें कि कोई व्यक्ति थका हुआ है, तो यह दैनिक जीवन या अस्पतालों में कैसे मदद कर सकता है?
- क्या आप सोचते हैं कि गणितीय वर्कफ्लो को EEG, PET या MRI से आने वाले मानव डेटा पर लागू करना आसान होगा? क्यों या क्यों नहीं?