लोग अक्सर ड्राइविंग या चीज़ें खिसकाने जैसे काम बिना ध्यान दिए करते हैं। लगभग 130 साल पहले दो वैज्ञानिकों ने इस पर अलग विचार दिए थे। जेम्स का मानना था कि जागरूकता काम करने के बाद आती है। वुंट का मानना था कि यह काम से पहले शुरू होती है।
अब येल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 67 लोगों पर एक नया परीक्षण किया। उन्होंने खेल के दौरान मस्तिष्क की जाँच की। शोधकर्ताओं ने पाया कि दोनों वैज्ञानिक सही थे। जागरूक रहने के लिए काम से पहले और बाद में दिमागी संकेत ज़रूरी हैं।
अध्ययन से पता चला कि थकान से जागरूकता कम होती है। पार्किंसंस और स्ट्रोक के मरीजों में ये संकेत बाधित हो जाते हैं।
कठिन शब्द
- जागरूकता — आसपास की बातों को सही से समझने की स्थिति
- वैज्ञानिक — विज्ञान के विषय में काम करने वाला व्यक्तिवैज्ञानिकों
- शोधकर्ता — नया ज्ञान या जानकारी खोजने वाला व्यक्तिशोधकर्ताओं
- परीक्षण — किसी चीज़ को जाँचने के लिए किया गया काम
- मस्तिष्क — सिर के अंदर का अंग जो सोचने में मदद करता है
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप कभी कोई काम बिना ध्यान दिए करते हैं?
- जब आप बहुत थके होते हैं, तो आपके काम पर क्या असर पड़ता है?
संबंधित लेख
मस्तिष्क शब्दों की बजाय व्याकरणिक समूहों की भविष्यवाणी करता है
Nature Neuroscience में प्रकाशित नए शोध के अनुसार मानव मस्तिष्क अगला शब्द अकेले नहीं देखता, बल्कि व्याकरणिक वाक्यांशों (constituents) के आधार पर भविष्यवाणियाँ करता है। यह खोज बड़े भाषा मॉडलों के काम और मस्तिष्क प्रक्रियाओं के बीच फर्क दिखाती है।