University of California, Santa Barbara की शोध टीम ने ऐसे जीन-आधारित प्रोटीन सेंसर्स विकसित किए हैं जो MRI से आणविक गतिविधि दिखा सकते हैं।
इस सिस्टम में aquaporin नामक प्रोटीन का उपयोग होता है। यह प्रोटीन कोशिका झिल्ली में पानी के लिए चैनल बनाता है। टीम ने पानी की गति को बदलकर MRI सिग्नल को विशिष्ट कोशिकाओं के लिए संवेदनशील बनाया। इस तकनीक का नाम MAPPER रखा गया है और शोध में बताया गया है कि यह कैंसर, न्यूरोडीजेनेरेशन और सूजन जैसी प्रक्रियाओं के अध्ययन में मदद कर सकती है।
कठिन शब्द
- MRI — शरीर के अंदर तस्वीरें लेने वाली तकनीक
- आणविक — अणुओं और उनकी गतिविधियों से संबंधित
- झिल्ली — कोशिका का बाहरी पतला परत
- चैनल — किसी चीज़ के लिए पथ या छोटा रास्ता
- संवेदनशील — बाहरी बदलावों पर जल्दी प्रतिक्रिया देने वाला
- अध्ययन — किसी विषय के बारे में जानकारी इकट्ठा करना
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चर्चा के प्रश्न
- MAPPER जैसी तकनीक क्लिनिकल काम में उपयोगी क्यों हो सकती है?
- पानी के लिए चैनल दिखने से शोधकर्ताओं को किस तरह की जानकारी मिल सकती है?
- क्या आपने कभी MRI के बारे में कुछ पढ़ा या अनुभव किया है? संक्षेप में बताइए।
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