टेक्सास A&M विश्वविद्यालय की एक टीम ने यह पता लगाया कि गलतियों पर होने वाली मस्तिष्क की भावनात्मक प्रतिक्रिया और उसके बाद समय के साथ उस प्रतिक्रिया में आए बदलाव, भविष्य में टालने वाले व्यवहार की भविष्यवाणी कर सकते हैं। यह काम Annmarie MacNamara और उनकी टीम ने मानसिक तथा मस्तिष्क विज्ञान विभाग में किया।
अध्ययन में 74 ऐसे प्रतिभागी थे जिन्होंने चिंता, अवसाद, PTSD, या OCD के लक्षण बताए थे। शोधकर्ताओं ने प्रत्येक प्रतिभागी के दिमागी संकेतों को गलती के तुरंत बाद मापा और फिर उसी प्रतिक्रिया को एक वर्ष बाद फिर से मापा। इस तरह के डिजाइन से प्रारंभिक प्रतिक्रिया और बाद के बदलावों की तुलना संभव हुई।
मुख्य निष्कर्ष यह था कि जिन लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया पहले तेज थी और फिर समय के साथ कम हुई (ब्लंटिंग), वे अधिक टालने वाले बने। लेखकों ने कहा कि ये नतीजे क्लिनिशियनों को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि कुछ लोगों में लक्षण क्यों बिगड़ते हैं।
कठिन शब्द
- भावनात्मक — जो भावनाओं से जुड़ा या प्रभावित करे
- प्रतिक्रिया — किसी स्थिति पर मन या शरीर का उत्तर
- टालना — किसी काम को करने से बचना या विलंब करनाटालने
- भविष्यवाणी — किसी घटना के होने के बारे में अनुमान
- ब्लंटिंग — समय के साथ भावनात्मक प्रतिक्रिया में कमी
- लक्षण — बीमारियों या मानसिक समस्याओं के दिखने वाले संकेत
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- यदि किसी व्यक्ति की भावनात्मक प्रतिक्रिया समय के साथ कम हो और वह टालने लगे, तो यह उसके रोज़मर्रा के निर्णयों को कैसे प्रभावित कर सकता है? उदाहरण दें।
- क्लिनिशियन इस तरह के परिणामों का उपयोग मरीजों की मदद के लिए कैसे कर सकते हैं? अपने विचार बताइए।
- क्या आपने या आपके किसी परिचित ने कभी किसी काम को टालना देखा है? उस स्थिति में लक्षण या परिणाम क्या थे?
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