नई बोली या वाक्-गतियों को सीखने और उन्हें बनाए रखने के लिए होंठ, जीभ, जबड़ा और चेहरे की सूक्ष्म मुँह-चेहरे की गतियाँ आवश्यक होती हैं। ये गतियाँ मस्तिष्क के कई नेटवर्क पर निर्भर हैं, जिनमें ओरोफेशियल संवेदी इनपुट और मांसपेशियों को चलाने वाले मोटर आदेश शामिल हैं।
निशांत राव और डेविड ऑस्ट्रि के नेतृत्व में Yale University Child Study Center की टीम ने Proceedings of the National Academy of Sciences (PNAS) में प्रकाशित अध्ययन में प्रतिभागियों को हेडफोन के माध्यम से वास्तविक समय में उनकी अपनी आवाज़ का परिवर्तित रूप सुनाया। यह "altered feedback" प्रतिभागियों को अपनी बोली बदलने के लिए प्रेरित कर के भाषणगत मोटर अधिगम पैदा करता है। टीम ने ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (TMS) का उपयोग कर तीन अलग-अलग क्षेत्र—श्रवण कॉर्टेक्स, सोमैटोसेन्सरी कॉर्टेक्स और मोटर कॉर्टेक्स—में से किसी एक को अस्थायी रूप से बाधित किया।
24 घंटे बाद की जाँच में पाया गया कि जब संवेदी कॉर्टेक्स (श्रवण या सोमैटोसेन्सरी) बाधित हुए तो नए भाषण परिवर्तनों का प्रतिधारण कमजोर हुआ। इसके विपरीत, मोटर कॉर्टेक्स में व्यवधान से प्रतिधारण पर बड़ा असर नहीं पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि नव-अधिग्रहीत भाषणगत गतियों का टिके रहना मुख्यतः संवेदी मस्तिष्क प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है।
शोधकारों का कहना है कि यह निष्कर्ष पारंपरिक सेंसरिमोटर विचार को चुनौती देता है और संकेत देता है कि स्ट्रोक या मस्तिष्क चोट के बाद पुनर्वास में संवेदी कॉर्टेक्स को लक्षित करना उपयोगी हो सकता है। अध्ययन से यह भी सुझाया गया है कि भाषण-प्रोसेसिंग तथा मस्तिष्क-संगणक इंटरफ़ेस जैसी तकनीकें श्रवण और शारीरिक संवेदी संकेतों को अधिक स्पष्ट रूप से संयोजित कर के बेहतर बनाई जा सकती हैं।
कठिन शब्द
- संवेदी — शरीर से आने वाली जानकारी को ग्रहण करनासंवेदी कॉर्टेक्स
- मोटर — मांसपेशियों को चलाने वाले नियंत्रण या क्रियामोटर कॉर्टेक्स, मोटर आदेश
- प्रतिधारण — नए सीखे हुए व्यवहार का टिके रहना
- अधिगम — नया कौशल या ज्ञान सीखने की प्रक्रियामोटर अधिगम
- ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन — मस्तिष्क में चुंबकीय तरंगों से उत्तेजना देनाट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (TMS)
- बाधित — सामान्य गतिविधि को अस्थायी रूप से रोकनाबाधित हुए
- पुनर्वास — चोट या रोग के बाद इलाज और सुधार
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- संवेदी संकेतों पर ध्यान देने से भाषण पुनर्वास की प्रक्रियाओं में क्या बदलाव हो सकते हैं? अपने विचार कारणों के साथ बताइए।
- इस अध्ययन के निष्कर्षों को देखकर आप ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफ़ेस में श्रवण और शारीरिक संकेतों के संयोजन के लिए क्या एक व्यावहारिक बदलाव सुझाएंगे?
- ‘altered feedback’ जैसी तकनीकें भाषा सीखने या सुधार में कैसे उपयोगी हो सकती हैं? उदाहरण और संभावित सीमाएँ बताइए।