ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (TMS) एक लक्षित, गैर-आक्रामक तकनीक है जो चुंबकीय पल्स से चुनिंदा मस्तिष्क क्षेत्रों की गतिविधि बदलती है। यह विधि कुछ स्थितियों के लिए प्रमाणित है, परंतु PTSD के उपचार के लिए यह अभी स्वीकृत नहीं है। Emory University के शोधकर्ताओं ने MRI-मार्गदर्शित, कम-आवृत्ति TMS के प्रभावों का परीक्षण किया ताकि अमिग्डाला (भय केंद्र) की प्रतिक्रिया और PTSD लक्षणों में बदलाव देखा जा सके।
अध्ययन में 50 वयस्कों ने भाग लिया और 47 ने पूरा किया। प्रतिभागियों को यादृच्छिक, अंधा (ब्लाइंड) तरीके से सक्रिय TMS या नकली इलाज प्राप्त हुआ। MRI स्कैन ने उपचार से पहले और बाद में खतरे पर अमिग्डाला की प्रतिक्रियाएँ नापीं।
परिणामों के अनुसार सक्रिय TMS ने प्लेसबो की तुलना में दाहिनी अमिग्डाला की प्रतिक्रिया कम की और PTSD लक्षणों में स्पष्ट सुधार हुआ। नैदानिक लाभ दो सप्ताह के उपचार के बाद प्रकट हुए और कम से कम छह महीने तक बने रहे; सक्रिय समूह के 74% प्रतिभागियों को क्लिनिकली अर्थपूर्ण लक्षण-कमि मिली।
मुख्य अन्वेषक Sanne van Rooij, PhD ने कहा कि यह MRI-मार्गदर्शित उत्तेजना मस्तिष्क सर्किटों को सीधे लक्षित कर अधिक सटीक, व्यक्तिगत उपचार का मार्ग खोलती है। प्रतिभागियों ने दुःस्वप्न नियंत्रण और भावनात्मक अनुभव में सुधार बताया; कुछ ने इसे जीवन बदलने वाला कहा। अध्ययन The American Journal of Psychiatry में प्रकाशित हुआ और योगदानकर्ता तथा वित्तपोषक संस्थाएँ रिपोर्ट में बताई गई हैं।
कठिन शब्द
- गैर-आक्रामक — जिसमें शरीर में शल्यक्रिया न हो
- लक्षित — निर्दिष्ट क्षेत्र या हिस्से पर केन्द्रित
- MRI-मार्गदर्शित — MRI के निर्देश पर किया गया मार्गदर्शन
- कम-आवृत्ति — कम बार दोहराने वाली संकेत या तरंग
- अमिग्डाला — मस्तिष्क का भय और भावना संबंधी केंद्र
- नैदानिक — चिकित्सा से जुड़ा, रोग उपचार से संबंधित
- लक्षण — रोग या स्थिति में दिखने वाले संकेतलक्षणों, लक्षण-कमि
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चर्चा के प्रश्न
- MRI-मार्गदर्शित उत्तेजना का उपयोग व्यक्तिगत उपचार को कैसे बदल सकता है?
- यदि यह तरीका व्यापक रूप से उपलब्ध हो, तो PTSD वाले लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकते हैं?
- इस अध्ययन के परिणामों को बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले और किस तरह के शोध की जरूरत होगी?