कॉपरहेगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एडिनबर्ग के सहयोग से संयुक्त राज्य अमेरिका में 500 कुत्ता पालकों का सर्वे किया। प्रतिभागियों से उनके प्रशिक्षण के तरीके और पशु-सम्बंधी नैतिक विचारों के बारे में पूछा गया। शोध में पाया गया कि सकारात्मक व्यवहार को पुरस्कृत करने वाले तरीके, जैसे इनाम और मौखिक प्रशंसा, व्यापक रूप से उपयोग होते हैं।
दूसरी ओर, मौखिक फटकार और शारीरिक सुधार जैसे दंड-आधारित तरीके कम प्रयुक्त पाए गए। प्रतिभागियों को उनके नैतिक रुख के आधार पर तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया: मानवकेंद्रित, पशु कल्याण उन्मुख और पशु अधिकार रुख।
निष्कर्षों में स्पष्ट संबंध दिखा कि मानवकेंद्रित रुख वाले मालिक दंड का अधिक प्रयोग करने की प्रवृत्ति रखते थे, जबकि कल्याण उन्मुख लोग सकारात्मक तरीकों का अधिक प्रयोग करते थे। शोध ने यह भी कहा कि प्रशिक्षण प्रथाएँ नैतिक दृष्टिकोण से जुड़ी होती हैं और इनके बदलने के लिए दोनों प्रकार की चर्चा आवश्यक होगी। अध्ययन Anthrozoös में प्रकाशित हुआ।
कठिन शब्द
- शोधकर्ता — नई जानकारी खोजने वाला व्यक्तिशोधकर्ताओं
- प्रशिक्षण — जानवर को नया व्यवहार सिखाने की प्रक्रियाप्रशिक्षण प्रथाएँ
- नैतिक — अच्छे-बुरे के बारे में विचारनैतिक रुख
- दंड-आधारित — सजा या नकारात्मक तरीका लागू करने वाला
- मानवकेंद्रित — मानव की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने वाला रुख
- पशु कल्याण उन्मुख — जानवरों की भलाई पर ध्यान देने वाला रुख
- पशु अधिकार — जानवरों के अधिकारों पर आधारित विचार
- प्रथा — किसी समूह की नियमित व्यवहार या रीतिप्रथाएँ
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चर्चा के प्रश्न
- आप अपने कुत्ते के प्रशिक्षण में दंड-आधारित तरीकों का प्रयोग करेंगे या सकारात्मक तरीकों का? क्यों?
- किस तरह की चर्चा से मालिकों के नैतिक रुख बदल सकते हैं?
- क्या आप सोचते हैं कि मानवकेंद्रित और पशु कल्याण उन्मुख दृष्टिकोण मिल सकते हैं? कैसे?
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