एट्रियल फिब्रिलेशन एक अनियमित और तेज हृदय धड़कन है। शोधियों ने मानव हृदय‑जैसे तीन‑आयामी ऑर्गानोइड बनाए जो मसूर की दाल के दाने जितने छोटे हैं और अपने आप धड़कते हैं।
ये ऑर्गानोइड कक्ष और रक्त वाहिका नेटवर्क रखते हैं और दान की गई तृणमूल कोशिकाओं से बनते हैं। टीम ने प्रतिरक्षा कोशिकाएँ, जिनमें मैक्रोफेज भी हैं, ऑर्गानोइड में जोड़ीं और फिर सूजन कर के अनियमित धड़कन ट्रिगर की। जब शोधियों ने एक एंटी‑इन्फ्लेमेटरी दवा दी तो लय आंशिक रूप से ठीक हुई। यह काम 2020 में शुरू हुआ और परिणाम एक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित हुए।
कठिन शब्द
- एट्रियल फिब्रिलेशन — हृदय की अनियमित और तेज धड़कन
- ऑर्गानोइड — छोटे तीन-आयामी शरीर जैसे ऊतक
- तृणमूल कोशिका — ऐसी कोशिका जो कई प्रकार बन सकेतृणमूल कोशिकाओं
- प्रतिरक्षा — शरीर की बीमारियों से लड़ने वाली क्षमताप्रतिरक्षा कोशिकाएँ
- मैक्रोफेज — एक प्रकार की प्रतिरक्षा करने वाली कोशिका
- सूजन — शरीर का लाल या सुजा हुआ भाग
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि यह शोध भविष्य में दिल की बीमारी वाले मरीजों के लिए फायदेमंद होगा? क्यों या क्यों नहीं?
- क्या आपने कभी तेज या अनियमित हृदयधड़कन या सूजन महसूस की है? संक्षेप में बताइए।
- आप 'दान की गई तृणमूल कोशिकाएँ' से क्या समझते हैं? छोटा उत्तर दीजिए।
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