एक बड़े फेज‑3 परीक्षण में 18 से 59 महीने के छोटे बच्चों को यादृच्छिक रूप से दो समूहों में बाँटा गया। एक समूह को एज़िथ्रोमाइसिन और दूसरे को प्लेसबो दिया गया, दवा पाँच दिनों तक दी गई।
बच्चों की हालत माता‑पिता की रोज़ाना रिपोर्ट पर खाँसी, साँस, भूख और मूड के आधार पर मापी गई। बीच में हुए विश्लेषण में दोनों समूहों में कोई स्पष्ट सुधार नहीं दिखा और इसलिए परीक्षण रोक दिया गया। अधिकतर बच्चों में श्वसन वायरस भी पाए गए।
शोध का नतीजा यह था कि आम तौर पर छोटे बच्चों के wheezing में एज़िथ्रोमाइसिन लाभ नहीं देता और इसलिए एंटीबायोटिक के उपयोग पर सावधानी चाहिए।
कठिन शब्द
- यादृच्छिक — बिना किसी खास क्रम के चुननायादृच्छिक रूप से
- प्लेसबो — जो असल दवा नहीं होता पर दिखता है
- विश्लेषण — जानकारी का निरीक्षण कर निष्कर्ष निकालना
- श्वसन — साँस लेने और छोड़ने का शरीर का काम
- एंटीबायोटिक — बैक्टीरिया से हुई बीमारियों से लड़ने वाली दवा
- सावधानी — ध्यान और सतर्कता से काम करना या लेना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- माता‑पिता रोज़ाना रिपोर्ट क्यों दें, आपको क्या लगता है?
- अगर परीक्षण के बीच में कोई सुधार नहीं दिखे तो उसे रोकना सही क्यों होगा?
- आपके विचार में एंटीबायोटिक के उपयोग पर सावधानी क्यों जरूरी है?
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