नवीन शोध में शरीर में उच्च सूजन और डिजिटल सामाजिकरण के बीच एक संबंध पाया गया है। अध्ययन डेविड ली के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी ऐट बफेलो के संचार विभाग से किया गया और यह Scientific Reports में प्रकाशित हुआ। शोधपत्र में सूजन के दो प्रकार बताए गए हैं: तीव्र सूजन जो संक्रमण और चोट पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है, और पुरानी सूजन जो वर्षों तक बनी रह सकती है और ऑटोइम्यून स्थितियों, टाइप 2 मधुमेह तथा हृदय रोगों में योगदान कर सकती है।
शोध में 154 प्रतिभागियों के रक्त से C-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) मापा गया और एक सप्ताह का स्क्रीन टाइम डेटा उनके फोन से लिया गया। शोध ने विशिष्ट रूप से TikTok, Snapchat, Instagram, Twitter/X और Facebook पर बिताए समय को दर्ज किया। परिणामों से पता चला कि जिन प्रतिभागियों में CRP स्तर अधिक था, वे आमने-सामने मिलने की तुलना में सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक बातचीत को अधिक प्राथमिकता देते थे। यह प्रवृत्ति उन लोगों में और स्पष्ट थी जिनका व्यक्तित्व अंतर्मुखता और न्यूरोटिसिज्म की ओर झुका था।
ली ने बताया कि सोशल मीडिया का आकर्षण संदर्भ-निर्भर हो सकता है क्योंकि यह कम प्रयास मांगता है; इसलिए उच्च सूजन वाले लोग सामाजिक संपर्क न ठुकरा कर, बल्कि अलग तरीके चुन रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल डिजिटल बातचीत पर निर्भर रहना रिश्तों और व्यक्तिगत कल्याण को नुकसान पहुंचा सकता है। अध्ययन का उद्देश्य संवेदनशील जनसंख्याओं की पहचान कर यह समझना है कि कौन डिजिटल सामाजिककरण को प्राथमिकता देता है। अगले चरण में शोधकर्ता यह जाँच करेंगे कि क्या ये निष्कर्ष AI सहचर ऐप्स, जैसे ChatGPT और Character.AI, पर भी लागू होते हैं।
- TikTok
- Snapchat
- Twitter/X
कठिन शब्द
- सूजन — शरीर की जख्म या संक्रमण पर होने वाली प्रतिक्रिया
- तीव्र — ज्यादा तेज़ और अचानक शुरू होने वाला
- पुराना — लंबे समय तक बनी रहने वालापुरानी
- C-रिएक्टिव प्रोटीन — रक्त में पाया जाने वाला सूजन संकेतक प्रोटीन
- डिजिटल सामाजिकरण — ऑनलाइन माध्यम से सामाजिक बातचीत और जुड़ाव
- अंतर्मुखता — दूसरों से मिलना कम पसंद करने की प्रवृत्ति
- न्यूरोटिसिज्म — भावनात्मक अस्थिरता और चिंता की प्रवृत्ति
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपको लगता है कि केवल डिजिटल बातचीत पर निर्भर रहने से रिश्तों और व्यक्तिगत कल्याण पर नकारात्मक असर होगा? अपने विचार कारणों के साथ बताइए।
- क्या ये निष्कर्ष AI सहचर ऐप्स, जैसे ChatGPT या Character.AI, पर भी लागू हो सकते हैं? आप किन कारणों से हाँ या नहीं कहेंगे?
- संवेदनशील जनसंख्याओं (जिनमें अंतर्मुखता या न्यूरोटिसिज्म झुकाव हो) के लिए समाज या नीतियाँ किस तरह मदद कर सकती हैं ताकि वे संतुलित सामाजिक संपर्क बनाए रखें?