Emory University के शोध में प्रयोगशाला माउसों पर यह पाया गया कि संक्षिप्त अवधि का उच्च‑वसा आहार आंत‑माइक्रोबायोम और आंत‑बाधा पारगम्यता को बदल सकता है। अध्ययन PLOS Biology में मार्च में प्रकाशित हुआ और Paigen’s Diet (45% कार्बोहाइड्रेट, 35% वसा) नौ दिनों तक देने पर 'लीकी गट' देखा गया। यह रिसाव जिंदा बैक्टीरिया को वागस तंत्रिका के मार्ग से मस्तिष्क तक पहुँचाने का रास्ता खोलता है।
शोधकर्ताओं ने germ‑free और एंटीबायोटिक‑सहायता वाले माउस मॉडल में बारकोड किया गया Enterobacter cloacae (एक engineered स्ट्रेन जिसमें सामान्यतः न मिलने वाला DNA अनुक्रम था) इस्तेमाल किया। उच्च‑वसा आहार पर उन माउसों में वही बारकोड स्ट्रेन वागस तंत्रिका और मस्तिष्क के नमूनों में पाया गया, जबकि रक्त और अन्य अंग साफ़ रहे। मस्तिष्क में पाए गए जीव कम थे, सैकड़ों के भीतर, और नियंत्रण के लिए सख्त क्रॉस‑कंटैमिनेशन उपाय अपनाए गए; इसलिए सेप्सिस या मेनिन्जाइटिस का जोखिम कम माना गया।
एंडिंग नोट में शोधकर्ताओं ने Parkinson’s और Alzheimer’s जैसे माउस मॉडलों के मस्तिष्कों में भी कम स्तर के बैक्टीरिया देखे। सह‑प्रधान अन्वेषक David Weiss ने संकेत दिया कि कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों की शुरुआत आंत में हो सकती है, और Arash Grakoui ने कहा कि माउसों को सामान्य आहार पर लौटाने से आंत की पारगम्यता कम हुई तथा मस्तिष्क में बैक्टीरियल लोड सीमित रहा। टीम मानव न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य और व्यवहार पर आहार परिवर्तनों के प्रभाव की आगे जांच सुझाती है।
कठिन शब्द
- माइक्रोबायोम — आंत में रहने वाले सूक्ष्मजीवों का समुदायआंत‑माइक्रोबायोम
- पारगम्यता — दीवार या परत से गुजरने की क्षमता
- वागस तंत्रिका — मस्तिष्क और आंत जोड़ने वाली नस
- बारकोड — प्रयोग में विशिष्ट पहचान दिखाने वाला कोड
- क्रॉस‑कंटैमिनेशन — एक नमूने से दूसरे नमूने में मिल जाना
- सेप्सिस — रक्त में संक्रमण के कारण गंभीर रोग
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चर्चा के प्रश्न
- यदि मानवों में भी ऐसे ही प्रभाव दिखें तो तात्कालिक उच्च‑वसा आहार के सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम क्या हो सकते हैं? अपने विचार लिखिए।
- यह प्रयोगशाला माउस मॉडल मानव अध्ययन से किस तरह अलग हो सकता है और इसलिए इन परिणामों को मानव पर लागू करते समय किन बातों पर सावधानी चाहिए?