जॉर्जिया विश्वविद्यालय की एक टीम ने 2022 और 2023 में अमेरिका के सात राज्यों से एकत्र 134 मृत काले गिद्धों का परीक्षण किया। इन नमूनों में 84% से अधिक पक्षियों में अत्यधिक रोगजनक H5N1 वायरस पाया गया। शोध कहते हैं कि यह संख्या व्यापक प्रभाव का संकेत देती है।
गिद्धों का मलबा-चाटना व्यवहार वायरस को सामान्य मौसम के बाहर भी बनाए रखने में मदद करता है, इसलिए साल भर संचरण वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय है। अधिक संचरण के साथ वायरस की नकल और उत्परिवर्तन की घटनाएँ बढ़ती हैं, जिससे अन्य प्रजातियाँ और मनुष्य के लिए खतरा बढ़ सकता है।
पिछले काम से पता चलता है कि संक्रमित गिद्धों में से लगभग आधे जीवित बचते हैं और उनमें प्रतिरक्षा के संकेत मिलते हैं। शोधकर्ता चेतावनी देते हैं कि कुल प्रभाव परीक्षण नमूनों से कहीं अधिक हो सकता है। अध्ययन Scientific Reports में प्रकाशित हुआ है।
कठिन शब्द
- रोगजनक — बीमारियाँ पैदा करने वाला जीव या पदार्थअत्यधिक रोगजनक
- मलबा-चाटना व्यवहार — दूसरे जानवरों के शव खाना की आदत
- संचरण — रोग या वायरस का फैलना या प्रसार
- उत्परिवर्तन — जीव या वायरस में आनुवांशिक बदलाव की प्रक्रिया
- प्रतिरक्षा — शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता
- व्यापक — किसी बात का बड़े पैमाने पर मौजूद होनाव्यापक प्रभाव
- संक्रमित — जिसमें बीमारी या वायरस मौजूद हो
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- अगर आपके इलाके में मरे हुए गिद्ध या अन्य पक्षी मिलें तो आप क्या कदम उठाएँगे? कारण बताइए।
- आप अपने शब्दों में बताइए कि साल भर संचरण मानवों के लिए किस तरह खतरा बढ़ा सकता है।
- स्थानीय अधिकारी वायरस के फैलाव को रोकने के लिए कौन से कदम उठा सकते हैं? छोटे सुझाव दीजिए।
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