शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले दवा-इंटरैक्शन प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ हो रहे हैं और वे इम्यूनोथेरेपी की सफलता पर असर डाल सकते हैं। यह टिप्पणी Duke Health द्वारा Journal of Clinical Oncology में प्रकाशित हुई है और रोज़मर्रा की इस्तेमाल की जाने वाली दोनों प्रकार की दवाओं — बिना पर्चे और पर्चे पर दी जाने वाली — पर प्रकाश डालती है।
लेखकों ने 50 से अधिक अध्ययनों की समीक्षा कर पाया कि कुछ दवाएँ इम्यूनोथेरेपी की प्रभावशीलता कम कर सकती हैं और कुछ दवाएँ प्रतिक्रिया बेहतर कर सकती हैं; उदाहरण के लिए प्रभावशीलता कम करने वाली दवाओं में एसिटामिनोफेन, प्रोटॉन पंप इनहिबिटर और कोर्टिकोस्टेरॉयड शामिल बताए गए हैं, जबकि एंटीहिस्टामाइन, स्टैटिन और सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इन्हिबिटर (SSRIs) से लाभ देखा गया। टिप्पणी यह भी बताती है कि कुछ दवाएँ उपचार के दौरान दुष्प्रभाव पैदा कर सकती हैं या उनकी दर बढ़ा सकती हैं।
लेखक क्लीनिकल परीक्षणों में सभी दवाओं का बेहतर और सुसंगत रिकॉर्ड रखने, प्रभाव की पुष्टि के लिए prospective studies करने और नैदानिक देखभाल में व्यावहारिक बदलाव लागू करने का आग्रह करते हैं। सुझाए गए उपकरणों में रोगी शिक्षा सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड में संकेत शामिल हैं ताकि चिकित्सक इन दवाओं के संभावित प्रभावों का ध्यान रख सकें। DeVito ने यह भी कहा कि रोगियों को अपनी ली जाने वाली दवाओं के बारे में प्रश्न पूछने के लिए सशक्त बनाया जाना चाहिए और प्रदाताओं को अधिक सावधान होना चाहिए।
DeVito का काम Duke Strong Start award द्वारा समर्थित है, जो जूनियर physician-scientist फैकल्टी का समर्थन करता है।
कठिन शब्द
- इम्यूनोथेरेपी — रोग से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा सक्रिय करने की चिकित्सा
- दवा-इंटरैक्शन — एक दवा का किसी अन्य दवा की क्रिया बदलना
- प्रभावशीलता — किसी उपचार का कितना सफल होना
- दुष्प्रभाव — इलाज से होने वाले हानिकारक प्रभाव
- प्रोटॉन पंप इनहिबिटर — पेट में एसिड कम करने वाली दवा
- नैदानिक देखभाल — रोगी के इलाज और देखभाल की सेवा
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चर्चा के प्रश्न
- रोज़मर्रा में ली जाने वाली दवाएँ इम्यूनोथेरेपी के परिणामों को कैसे बदल सकती हैं? अपने विचार उदाहरण देकर बताइए।
- क्लीनिकल परीक्षणों में दवाओं का बेहतर रिकॉर्ड रखना रोगियों और शोध के लिए किस तरह फायदेमंद होगा?
- लेख कहता है कि मरीजों को अपनी दवाओं के बारे में प्रश्न पूछने के लिए सशक्त बनाना चाहिए। आप सुझाव दीजिए कि यह कैसे किया जा सकता है।