न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी की एक टीम ने एक तरीका बनाया जो बड़े भाषा मॉडल से पहले काम करता है। इस तरीक़े में हर वाक्य को एक वर्चुअल पक्षी समझा जाता है और वाक्यों को साफ़ किया जाता है।
फिर समान अर्थ वाले वाक्य समूह बनाये जाते हैं और हर समूह से सबसे अच्छे वाक्य चुने जाते हैं। चुने हुए वाक्यों को क्रम में रखकर मॉडल को दिया जाता है। शोधकर्ताओं ने इसे 9,000 से अधिक दस्तावेज़ों पर परखा और पाया कि इससे सारों की सटीकता बढ़ी और हॉलुसीनेशन कम हुए।
कठिन शब्द
- तरीका — किसी काम को करने का व्यवस्थित ढंगतरीक़े
- समान — जिसका अर्थ या रूप दूसरे के जैसा हो
- समूह — एक साथ रखे हुए कई वाक्य या चीजें
- सटीकता — किसी बात के सही या गलत होने की मात्रा
- हॉलुसीनेशन — मॉडल द्वारा गलत या काल्पनिक उत्तर देना
- शोधकर्ता — वे लोग जो किसी विषय पर अध्ययन करते हैंशोधकर्ताओं
- दस्तावेज़ — लिखे हुए आधिकारिक कागज़ या कागज़ातदस्तावेज़ों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप अपने शब्दों में बताइए कि वाक्य को 'वर्चुअल पक्षी' समझना क्या मतलब हो सकता है?
- क्या आपको लगता है कि सारों की सटीकता बढ़ना महत्वपूर्ण है? क्यों?
- क्या आपने कभी किसी कंप्यूटर या एप्प से गलत जानकारी पाई है? छोटा उदाहरण दें।
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