एमोरी के शोध में 24 प्रतिभागियों की 6-month अवधि में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का आकलन किया गया। प्रतिभागियों ने 2023-24 का वैक्सीन प्राप्त किया, जो उस समय प्रमुख Omicron वेरिएंट XBB.1.5 के लिए डिजाइन था। यह अध्ययन Science and Translational Medicine में प्रकाशित हुआ।
टीम ने मेमोरी B कोशिकाएँ, बाइंडिंग एंटीबॉडी और न्यूटरलाइजिंग एंटीबॉडी मापीं। उन्होंने पाया कि एंटीबॉडी की अर्ध-आयु 500 दिनों से अधिक थी और कम से कम 50% एंटीबॉडी वैक्सीन के 16 months बाद भी पता लगनी जारी रहीं। प्रतिभागियों में पार-प्रतिक्रियाशील एंटीबॉडी भी बनीं, जो WA1 और XBB.1.5 दोनों को पहचानती थीं।
पहले के टीके द्वि‑स्पाइक (दो स्पाइक प्रोटीन) थे, जबकि 2023-24 का टीका एकल स्पाइक पर आधारित था। शोधकर्ता कहते हैं कि अपडेटेड वैक्सीनेशन से पार-प्रतिक्रियाशील एंटीबॉडी बढ़ती हैं।
कठिन शब्द
- शोध — नए ज्ञान के लिए किया गया वैज्ञानिक काम
- प्रतिरक्षा — शरीर का बीमारी से लड़ने वाला बचाव
- बाइंडिंग एंटीबॉडी — रक्त में बनता हुआ रक्षा करने वाला प्रोटीनन्यूटरलाइजिंग एंटीबॉडी
- अर्ध-आयु — किसी चीज़ के आधे रहने का समय
- पार-प्रतिक्रियाशील — कई वायरस प्रकारों को पहचानने वाली प्रतिक्रिया
- मेमोरी — शरीर की ऐसी कोशिका जो याद रखे
- एकल स्पाइक — वायरस का वह हिस्सा जो सतह पर रहता हैस्पाइक प्रोटीन
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि वैक्सीन का डिजाइन समय के साथ बदलना चाहिए? क्यों?
- अगर एंटीबॉडी लंबा समय तक रहती हैं तो इसका क्या लाभ हो सकता है?
- क्या आपने कभी किसी स्वास्थ्य अध्ययन के बारे में पढ़ा है? अपने अनुभव बताइए।