शोधकर्ताओं ने पूरे मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि रिकॉर्ड की ताकि स्मृति के दौरान बनने वाले तरंग पैटर्नों को जांचा जा सके। अध्ययन उन मरीजों पर हुआ जो दवा‑प्रतिरोधी मिर्गी के कारण सर्जरी की तैयारी कर रहे थे और प्रीसर्जिकल चरण में उनके मस्तिष्क पर इलेक्ट्रोड लगाए गए थे।
प्रत्येक इलेक्ट्रोड मस्तिष्क सतह का लगभग 1 वर्ग सेंटीमीटर हिस्सा कवर करता था और बहुत बड़ी संख्या में मस्तिष्क कोशिकाओं की गतिविधि रिकॉर्ड कर सकता था। टीम ने देखा कि कुछ तरंगें सीधे रेखाओं में चलती थीं, कुछ सर्पिल रूप लेती थीं और कुछ स्रोत‑सिंक की तरह बाहर या अंदर कार्य कर रही थीं। Anup Das ने इन सिगनलों का विश्लेषण किया और स्पष्ट पैटर्न पहचाने।
टीम ने पाया कि ये पैटर्न व्यक्तियों के बीच अलग थे, पर हर व्यक्ति ने सुसंगत पैटर्न दिए। इसलिए शोधकर्ता केवल तरंग के आकार से व्यवहार करीब 70% बार डिकोड कर पाए, जबकि संयोग स्तर 50% था। वरिष्ठ लेखक ने आगे तरंगों को समझने के लिए गणितीय मॉडल बनाने और मददगार तरंगों को मजबूत करने हेतु मस्तिष्क उत्तेजना पर काम करने की बात कही।
कठिन शब्द
- विद्युत गतिविधि — मस्तिष्क में बिजली जैसे संकेतों की गतिविधि
- तरंग — लहर जैसी तंत्रिका गतिविधि का रूपतरंग पैटर्नों, तरंगें
- इलेक्ट्रोड — एक छोटा उपकरण जो विद्युत संकेत दर्ज करता है
- दवा‑प्रतिरोधी — ऐसी बीमारी जो दवाओं से ठीक न होती हो
- सुसंगत — एक जैसा या लगातार चलने वाला
- डिकोड करना — किसी संकेत से जानकारी समझाना या निकालनाडिकोड कर पाए
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चर्चा के प्रश्न
- अगर मस्तिष्क उत्तेजना से मददगार तरंगों को मजबूत किया जा सके तो इसके क्या फायदے और नुकसान हो सकते हैं?
- इलेक्ट्रोड लगाने की प्रक्रिया के बारे में आप किन चिंताओं के बारे में सोचेंगे? क्यों?
- जब हर व्यक्ति के तरंग पैटर्न अलग हों, तो यह व्यक्तिगत इलाजों को कैसे प्रभावित कर सकता है?
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