टेक्सास A&M के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने TMEV नामक सामान्य चूहे के वायरस पर आधारित एक संक्रमण-आधारित (विषरहित) मॉडल विकसित किया। इस मॉडल ने वही तरह की मस्तिष्क कोशिका हानि और शारीरिक अक्षमताएँ दिखाईं जो मानव पार्किंसंस में पाई जाती हैं।
शोध में पाया गया कि संक्रमण के एक सप्ताह बाद वायरस डोपामाइन बनाने वाली कोशिकाओं में प्रवेश कर चुका था और एक महीने पर उन कोशिकाओं का संक्रमण स्थान पर विनाश हो गया। टीम ने डोपामाइन-नकल करने वाली दवा देने के बाद संक्रमित और स्वस्थ जानवरों के व्यवहार की तुलना की और चलने के पैटर्न में बदलाव डोपामाइन न्यूरॉनों की कमी से जुड़ा पाया।
मोटर कौशल के लिये पोल टेस्ट और एक विशेष ट्रेडमिल का उपयोग किया गया। संक्रमित मॉडलों ने पोल टेस्ट पूरा करने में अधिक समय लिया और अंतर अध्ययन के समाप्ति समय week 20 तक बना रहा। ट्रेडमिल ने चलने और संतुलन में कमजोरी दिखाई। यह अध्ययन Brain, Behavior, and Immunity-Health में प्रकाशित हुआ और इसे राष्ट्रीय तथा विश्वविद्यालय अनुदान से समर्थन मिला।
कठिन शब्द
- संक्रमण — शरीर में वायरस या जीव का प्रवेशसंक्रमण-आधारित
- मॉडल — एक प्रयोग में उपयोग होने वाला अनुकरण या नमूनामॉडलों
- विनाश — किसी चीज का पूरी तरह नष्ट होना
- डोपामाइन — मस्तिष्क में मिलने वाला एक रसायन
- नकल करना — किसी चीज़ जैसा व्यवहार करनानकल करने
- ट्रेडमिल — चलने और संतुलन जाँचने वाली मशीन
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चर्चा के प्रश्न
- आप कैसे सोचते हैं कि चूहे पर आधारित यह मॉडल पार्किंसंस के मानव लक्षणों को समझने में कितना मददगार है?
- यदि किसी दवा ने चूहों में चलने के पैटर्न बदल दिए, तो आपके हिसाब से अगला कदम क्या होना चाहिए?
- क्या आपको लगता है कि ऐसे अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय अनुदान आवश्यक हैं? क्यों?