एक नए अध्ययन से पता चलता है कि लाइव संगीत समारोहों में भाग लेने से कल्याण पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। शोधकर्ता पहले जानते थे कि संगीत श्रोताओं पर सकारात्मक असर डालता है, लेकिन वे यह समझना चाहते थे कि लाइव कार्यक्रम विशेष रूप से क्यों लाभकारी होते हैं।
पत्र में उस सामाजिक प्रक्रिया को ‘‘कलेक्टिव इफरवेसनेस’’ कहा गया है, जो भीड़ में मौजूद लोगों के बीच जुड़ाव और किसी बड़े या पवित्र अनुभव की अनुभूति को दर्शाती है। निकोल कोएफलर, University at Buffalo की पीएचडी‑अभ्यर्थी और पेपर की उत्तरदायी लेखिका, कहती हैं कि चारों अध्ययनों में कलेक्टिव इफरवेसनेस लगातार कल्याण का एक मजबूत पूर्वानुमानकर्ता बना रहा।
शोधकर्ताओं ने विश्वविद्यालय और समुदाय दोनों से प्रतिभागी लिए और सर्वेक्षण डेटा एकत्र किया। पहले दो अध्ययनों ने CE और सकारात्मक परिणामों के बीच संबंध दिखाया; आखिरी दो अध्ययनों ने इन निष्कर्षों की नकल की और संकेत दिया कि लाभ संगीत खत्म होने के बाद भी कुछ दिनों तक बने रह सकते हैं।
लेखक बताते हैं कि ऐसी साझा अनुभूतियाँ संगीत के परे भी हो सकती हैं, इसलिए कल्याण बढ़ाने के और अवसर मौजूद हैं। परिणाम Personality and Social Psychology Bulletin में प्रकाशित हुए।
कठिन शब्द
- दीर्घकालिक — लम्बे समय तक चलने वाला प्रभाव
- कल्याण — व्यक्ति की भलाई और खुशहाली
- कलेक्टिव इफरवेसनेस — भीड़ में साझा जुड़ाव और पवित्र अनुभूति
- पूर्वानुमानकर्ता — किसी नतीजे का संकेत देने वाला कारक
- सर्वेक्षण — लोगों से जानकारी इकट्ठा करने का तरीका
- प्रतिभागी — किसी अध्ययन या कार्यक्रम में शामिल व्यक्ति
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप कभी किसी लाइव संगीत कार्यक्रम में गए हैं? वहाँ आप कैसा महसूस करते थे?
- आपके विचार में संगीत के अलावा कौन सी गतिविधियाँ साझा अनुभूति और कल्याण बढ़ा सकती हैं?
- यदि आपके समुदाय में अधिक लाइव कार्यक्रम हों तो लोगों की भलाई पर क्या असर पड़ सकता है? अपने कारण बताइए।