खगोलविद् देखते हैं कि Big Bang के बाद कम समय में असामान्य रूप से बड़े ब्लैक होल बने थे। पारंपरिक मॉडल में इतने बड़े ब्लैक होल बनने के लिए पर्याप्त समय नहीं होना चाहिए, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण पहेली बनी हुई है।
University of California, Riverside के स्नातक छात्र Yash Aggarwal के नेतृत्व में नए शोध में सुझाव है कि डार्क मैटर कणों का क्षय प्रारंभिक आकाशगंगाओं की रसायनशास्त्र बदल सकता है। शोध Journal of Cosmology and Astroparticle Physics में प्रकाशित हुआ।
टीम ने दिखाया कि क्षयीमान कण गैस में बहुत कम ऊर्जा छोड़कर कुछ बादलों को सितारों के बनने से रोक सकते हैं और सीधे ब्लैक होल में ढहा सकते हैं। सहलेखक Flip Tanedo ने कहा कि शुरुआती आकाशगंगाओं की रसायनशास्त्र छोटी ऊर्जा मात्राओं के प्रति संवेदनशील है।
शोध में James Dent और Tao Xu ने decaying axions का मॉडलिंग किया और पाया कि कुछ मास विंडो ऐसे हालात बना सकती है जो प्रत्यक्ष ढहना (direct collapse) के अनुकूल हों। अध्ययन NSF और UCR Hellman Fellowship द्वारा समर्थित था।
कठिन शब्द
- डार्क मैटर — अदृश्य पदार्थ जो गुरुत्वीय प्रभाव दिखाता है
- क्षयीमान — जो धीरे-धीरे टूटता या घटता है
- रसायनशास्त्र — पदार्थों में होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं का अध्ययन
- आकाशगंगा — तारों, गैस और धूल का बड़ा समूहआकाशगंगाओं
- पारंपरिक — किसी चीज़ का सामान्य या पुराना तरीका
- ढहना — किसी वस्तु या संरचना का अचानक गिरनाढहा
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- अगर प्रारंभिक आकाशगंगाओं की रसायनशास्त्र बदल जाए तो आपके हिसाब से सितारों के बनने पर क्या असर होगा? कारण बताइए।
- आप कैसे समझाते हैं कि कम ऊर्जा छोड़ने वाले कणों से बादल सीधे ब्लैक होल में क्यों ढह सकते हैं?
- क्या आपको लगता है कि यह खोज ब्लैक होल के गठन के हमारे सामान्य मॉडल बदल देगी? छोटा उत्तर दीजिए।